
- केंद्र सरकार और संगठन में बड़े बदलाव की आहट
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय संगठन के पुनर्गठन के साथ ही केंद्र सरकार में भी बड़े फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संसद के मानसून सत्र से पहले अपने मंत्रिमंडल में व्यापक बदलाव कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो इसका असर मध्यप्रदेश पर भी दिखाई दे सकता है।
सूत्रों के अनुसार, मध्यप्रदेश से वर्तमान में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे कुछ मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी देकर उनकी जगह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। चर्चा है कि प्रदेश से तीन से चार सांसदों को केंद्रीय मंत्री बनने का अवसर मिल सकता है, जबकि इतने ही मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव संभव है।
युवा चेहरों पर दांव की तैयारी
पार्टी नेतृत्व युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी के तहत टीकमगढ़ से सांसद एवं केंद्रीय मंत्री वीरेन्द्र कुमार खटीक का नाम संभावित बदलावों में लिया जा रहा है। उनकी जगह भिंड की सांसद संध्या राय को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है। इसी तरह केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके और सावित्री ठाकुर में से किसी एक के स्थान पर आदिवासी सांसद हिमाद्री सिंह को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा सतना सांसद गणेश सिंह और खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा के नाम भी संभावित नए चेहरों में चर्चा में हैं।
फिलहाल मप्र से पांच मंत्री केंद्र में
वर्तमान में मध्यप्रदेश से पांच सांसद केंद्र सरकार में मंत्री हैं-शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीरेन्द्र कुमार खटीक, सावित्री ठाकुर और दुर्गादास उइके।
प्रदेश मंत्रिमंडल में भी बदलाव के संकेत
केंद्र में बदलाव के बाद मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल में भी विस्तार या फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि सरकार अपने कार्यकाल के अगले चरण को ध्यान में रखते हुए कुछ नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है। चर्चाओं में महिला विधायकों में अर्चना चिटनिस, रीती पाठक और मालिनी गौर के नाम सामने आ रहे हैं। वहीं पहली बार निर्वाचित हुए कुछ विधायकों को भी मंत्रिमंडल में अवसर मिलने की संभावना बताई जा रही है।
विजयवर्गीय की संगठन में भूमिका बढ़ सकती है
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भाजपा संगठन में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वहीं पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के दतिया उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार के रूप में उतरने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। माना जा रहा है कि उपचुनाव संसद के मानसून सत्र के बाद कराए जा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश के कई मंत्री पिछले कुछ दिनों से लगातार दिल्ली प्रवास कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
राज्यपाल को लेकर भी जल्द फैसला संभव
मध्यप्रदेश के राज्यपाल डॉ. मंगुभाई पटेल का वर्तमान कार्यकाल जुलाई के पहले सप्ताह में पूरा हो रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार अगले कुछ दिनों में मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के राज्यपालों को लेकर निर्णय ले सकती है। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि मंगुभाई पटेल को दूसरा कार्यकाल दिए जाने की संभावना भी बनी हुई है। यदि ऐसा होता है तो वे पिछले डेढ़ दशक में ऐसे पहले राज्यपाल होंगे जिन्हें लगातार दूसरा कार्यकाल मिलेगा।
संगठन से सरकार तक बदलाव का दौर
भाजपा में इस समय संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर पुनर्संतुलन की प्रक्रिया चल रही है। राष्ट्रीय संगठन की नई टीम, केंद्रीय मंत्रिमंडल का संभावित विस्तार, राज्यों में संगठनात्मक नियुक्तियां और प्रदेश सरकारों में फेरबदल—इन सभी फैसलों पर अब पार्टी नेतृत्व की अंतिम मुहर का इंतजार है। आने वाले कुछ सप्ताह मध्यप्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी बेहद अहम माने जा रहे हैं।
