3200 एकड़ में विकसित होगा देश का पहला एजुकेशन-नॉलेज-एआई हब

एआई हब
  • मप्र की गिफ्ट सिटी बनेगी भोपाल की एकाई सिटी

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल अब देश के सबसे बड़े नॉलेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब के रूप में विकसित होने की तैयारी में है। प्रदेश सरकार ने राजधानी के भौरी क्षेत्र में करीब 3200 एकड़ में भारत की पहली एकाई सिटी विकसित करने का फैसला किया है। यह परियोजना केवल एक एआई सिटी नहीं होगी, बल्कि एजुकेशन, नॉलेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एक साथ जोडऩे वाला विश्वस्तरीय इंटीग्रेटेड शहर होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार करीब 10 हजार करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी, जबकि राज्य सरकार भूमि और अन्य आधारभूत संसाधन उपलब्ध कराएगी। परियोजना को भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) विकसित करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को गुजरात की तर्ज पर मध्यप्रदेश में गिफ्ट सिटी विकसित करने की दिशा में ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद तैयार की गई योजना में स्पष्ट किया गया है कि अलग से गिफ्ट सिटी विकसित नहीं की जाएगी। एकाई सिटी ही मध्यप्रदेश की गिफ्ट सिटी का स्वरूप होगी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि दोनों परियोजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग होगा। गुजरात की गिफ्ट सिटी वित्तीय सेवाओं और फिनटेक गतिविधियों का केंद्र है, जबकि भोपाल की एकाई सिटी शिक्षा, अनुसंधान, एआई, डीप-टेक और इनोवेशन आधारित उद्योगों पर केंद्रित रहेगी। इसके बावजूद यहां विकसित होने वाला इन्फ्रास्ट्रक्चर अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा और मानकों के लिहाज से गिफ्ट सिटी के समकक्ष रहेगा।
एआई, रिसर्च और स्टार्टअप का राष्ट्रीय केंद्र बनेगा भोपाल
एकाई सिटी को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यहां विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय, रिसर्च संस्थान, एआई लैब, डीप-टेक स्टार्टअप, आईटी कंपनियां, इनोवेशन सेंटर और स्किल डेवलपमेंट संस्थान एक ही परिसर में कार्य कर सकें। इसका उद्देश्य ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां शिक्षा, रिसर्च और उद्योग आपस में जुड़े हों और उच्च कौशल वाले रोजगार पैदा हों।
विदेशी विश्वविद्यालयों और वैश्विक कंपनियों की रुचि
परियोजना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्साह दिखाई दे रहा है। अमेरिका के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों ने मध्यप्रदेश में अपने परिसर स्थापित करने में रुचि दिखाई है और इस संबंध में चर्चा जारी है। इसके अलावा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), मास्टर प्लान, आर्किटेक्चरल डिजाइन और इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए आयोजित प्री-बिड बैठक में भारत और विदेश की करीब 80 कंपनियों और कंसल्टेंट्स ने हिस्सा लिया है।
विश्वस्तरीय लाइफस्टाइल भी होगी
एकाई सिटी केवल शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगी। यहां छात्रों, शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, स्टार्टअप उद्यमियों और प्रोफेशनल्स के लिए आधुनिक आवासीय परिसर, सामाजिक सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट, डिजिटल कनेक्टिविटी और हरित सार्वजनिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। पूरी सिटी को एक इंटीग्रेटेड नॉलेज कैंपस की अवधारणा पर तैयार किया जाएगा। एकाई सिटी इसलिए खास है कि  मध्यप्रदेश में हाई-टेक निवेश को नया आधार मिलेगा। युवाओं को प्रदेश में ही विश्वस्तरीय शिक्षा और रिसर्च का अवसर प्राप्त होगा। एआई और डीप-टेक सेक्टर में हजारों उच्च कौशल वाले रोजगार सृजित होंगे। विदेशी विश्वविद्यालयों और उद्योगों के आने से भोपाल की वैश्विक पहचान मजबूत होगी। प्रदेश को नॉलेज और इनोवेशन आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

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