रिटायरमेंट से पहले जान सकेंगे कितनी मिलेगी लीव इनकैशमेंट राशि

  • वित्त विभाग ने तय किए नए नियम, सभी विभागों को रिकॉर्ड अपडेट रखने और एकरूप गणना के निर्देश

गौरव चौहान/भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। अब सेवानिवृत्ति से पहले ही कर्मचारी यह आसानी से जान सकेंगे कि अर्जित अवकाश (ईएल) के बदले उन्हें कितनी राशि मिलेगी। वित्त विभाग ने लीव इनकैशमेंट (अवकाश नकदीकरण) की गणना को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी विभागों में एक समान प्रक्रिया लागू करने के निर्देश दिए हैं।
नए आदेश के अनुसार किसी भी कर्मचारी को अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश का ही नकद लाभ मिलेगा। यदि किसी कर्मचारी के खाते में 300 दिनों से अधिक ईएल जमा है, तब भी भुगतान केवल 300 दिनों तक ही सीमित रहेगा। वहीं यदि कर्मचारी पहले किसी अवसर पर अर्जित अवकाश का नकदीकरण करा चुका है, तो उतने दिनों को 300 दिन की अधिकतम सीमा से घटाया जाएगा।
गणना को लेकर खत्म होगा भ्रम
अब तक विभिन्न विभागों में लीव इनकैशमेंट की गणना अलग-अलग तरीके से की जाती थी। इससे कई बार भुगतान को लेकर कर्मचारियों और विभागों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती थी। वित्त विभाग का मानना है कि नए दिशा-निर्देश लागू होने से पूरे प्रदेश में एक समान व्यवस्था लागू होगी और भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी तथा विवाद-मुक्त बनेगी। गौरतलब है कि सरकारी सेवा के दौरान कर्मचारियों के खाते में अर्जित अवकाश  जमा होता रहता है। अधिकांश कर्मचारी अपनी सभी छुट्टियों का उपयोग नहीं कर पाते, जिसके कारण बड़ी संख्या में ईएल शेष रह जाती है। सेवानिवृत्त अथवा सेवाकाल में मृत्यु की स्थिति में इन बची हुई छुट्टियों के बदले सरकार नकद भुगतान करती है, जिसे लीव इनकैशमेंट कहा जाता है। कई कर्मचारियों के लिए यह राशि सेवानिवृत्ति लाभों का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है और कई मामलों में यह लाखों रुपये तक पहुंच जाती है।
रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश
सरकार ने सभी विभागों और कार्यालयों को कर्मचारियों के अर्जित अवकाश का रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भुगतान के समय निर्धारित नियमों के अनुसार ही गणना करने को कहा गया है, ताकि किसी कर्मचारी को देरी, त्रुटि या अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इससे कर्मचारियों को कई फायदे होंगे। रिटायरमेंट से पहले लीव इनकैशमेंट की संभावित राशि का आकलन कर सकेंगे। सभी विभागों में एक समान नियम लागू होने से भ्रम समाप्त होगा। भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध होगी। शिकायतों और विवादों में कमी आएगी। सेवानिवृत्ति की वित्तीय योजना बनाना आसान होगा। वित्त विभाग के अनुसार नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य अवकाश नकदीकरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और एकरूप बनाना है। इससे कर्मचारियों को अपने भविष्य के वित्तीय लाभों का पहले से स्पष्ट अनुमान मिलेगा और पूरे प्रदेश में भुगतान की प्रक्रिया समान नियमों के तहत संचालित हो सकेगी।

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