
- 24 मीटर जमीन के नीचे बन रही भोपाल मेट्रो की सुरंग
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश की पहली अंडरग्राउंड टनल 100 मीटर से ज्यादा बन चुकी है। भोपाल रेलवे स्टेशन से पुल पातरा तक जमीन के नीचे टीबीएम से खुदाई की जा रही है। आधुनिक मशीन से टनल बनाने का काम चल रहा है। वहीं एक ही दिशा में दूसरी टनल बनाने का काम भी शुरू हो गया है। दोनों मशीनें पुल पातरा तक टनल का काम करेंगी। उसके बाद मशीनों को बाहर निकाला जाएगा। इन्हीं मशीनों से भोपाल रेलवे स्टेशन से नादरा बस स्टैंड तक अंडरग्राउंड टनल बनाने का काम होगा। बीते 30 मार्च को 24 मीटर की गहराई में उतारी गई पहली टीबीएम अब तक 190 मीटर तक खोदाई पूरी कर चुकी है। चूंकि इस समय शहर में वर्षा का सीजन चल रहा है, इसलिए 24 मीटर की गहराई में हो रहे इस काम को लेकर मेट्रो प्रबंधन बेहद सतर्क है। इधर, राजधानी में मेट्रो का शुभारंभ होने के छह माह बाद 24-25 जून को मेट्रो का संचालन बंद रहेगा। दरअसल सीएमआरएस की टीम इस दौरान प्रायोरिटी कॉरिडोर का तकनीकी निरीक्षण करेगी। इसलिए मेट्रो प्रशासन ने अस्थाई रूप से मेट्रो का संचालन बंद रखने का निर्णय लिया है।
मेट्रो सेवाएं यात्रियों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगी
मेट्रो प्रशासन के अनुसार भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत सिग्नलिंग प्रणाली के निरीक्षण के लिए कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम प्रायोरिटी कॉरिडोर का निरीक्षण करेगी। इस दौरान जरूरी तकनीकी परीक्षण एवं सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए भोपाल मेट्रो की यात्री सेवाएं दो दिनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित रहेंगी और सुभाष नगर स्टेशन से एम्स स्टेशन के बीच संचालित मेट्रो सेवाएं यात्रियों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगी। निरीक्षण एवं परीक्षण का काम पूरा होने के बाद मेट्रो सेवाएं 26 जून 2026 से अपने निर्धारित समयानुसार दोबारा शुरू हो जाएगी।
अब दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी मेट्रो
बीते छह माह से एक ही मेट्रो एक ही ट्रैक से अप-डाउन कर रही है। सिग्नलिंग का काम पूरा नहीं होने के कारण दूसरे ट्रैक पर मेट्रो का संचालन नहीं हो रहा था। मेट्रो प्रशासन ने अब यह काम पूरा कर लिया है। सीएमआरएस के निरीक्षण के बाद दोनों ट्रेक पर मेट्रो का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके लिए मेट्रो प्रशासन नया शेड्यूल जारी करेगा। सिग्नलिंग का काम पूरा होने के बाद सीएमआरएस की टीम के भोपाल आने के कयास लगाए जा रहे थे।
फेरे तीन गुना तक बढऩे गति पकडऩे की उम्मीद: एक ही ट्रैक पर एक मेट्रो के संचालन से दो ट्रेनों के बीच का इंतजार (फ्रीक्वेंसी) 75 मिनट तक हो गया था। ट्रैक पर आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम का काम पूरा होने यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जुलाई से मेट्रो के फिरे तीन गुना तक बढऩे और रफ्तार पकडऩे की उम्मीद है।
रायसेन रोड सीसी करवाने के काम की हुई शुरुआत
रायसेन रोड पर चल रहे मेट्रो निर्माण के दौरान कच्चे डायवर्सन मार्ग पर ट्रक फंसने की घटना के बाद मैट्रो प्रशासन ने मामले पर संज्ञान लेते हुए सडक़ को सीसी करवाने का काम शुरू कर दिया है। इंद्रपुरी, पिपलानी और रत्नागिरी कों जोडऩे वाले रोड पर इस कार्य के चलते यातायात को डायवर्ट किया गया है।
