
बिच्छू डॉट कॉम। सुप्रीम कोर्ट ने देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई समेत अन्य बैंकों की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा-बैंक आम जनता को छोटा लोन देने के नाम पर उनका उत्पीडऩ करते हैं, जबकि बड़े-बड़े उद्योगपतियों और कंपनियों को बिना सोचे-समझे करोड़ों-अरबों का लोन बांट देते हैं, जो बाद में डूब जाता है। केस में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायाधीश आर महादेवन की बेंच ने कहा-बैंकिंग सेक्टर में एक बहुत ही चिंताजनक ट्रेंड देखने को मिल रहा है। आम आदमी को अपनी निजी जरूरतों के लिए छोटा लोन लेने में नाक चने चबाने पड़ते हैं, जबकि बड़े लोन बिना किसी सही जांच-पड़ताल के पास कर दिए जाते हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा-यह बात अदालत के संज्ञान में आ रही है कि एसबीआई समेत सभी बैंक बड़ी कंपनियों को भारी-भरकम लोन देने में बेहद लापरवाही बरतते हैं। अदालत ने साफ किया कि वे नियमों को ढीला करने के लिए नहीं कह रहे हैं, लेकिन लोन देने और उसे वापस वसूलने की प्रक्रिया को आसान, निष्पक्ष और मानवीय बनाया जाना चाहिए।
