मचा बवाल: ‘डांसिंग गर्ल’ को एनसीईआरटी ने पहना दिए कपड़े

डांसिंग गर्ल

बिच्छू डॉट कॉम। एनसीईआरटी की किताब को लेकर एक बार फिर विवाद छिड़  है। इस बार विवाद की वजह सिंधु घाटी सभ्यता की प्रसिद्ध कांस्य मूर्ति ‘डांसिंग गर्ल’ (नर्तकी की मूर्ति) को लेकर उठा है। दरअसल एनसीईआरटी की कक्षा-9 की नई किताब ‘मधुरिमा’ में ‘डांसिंग गर्ल’ को बदले हुए रूप में दिखाया गया है। किताब में मूर्ति के ऊपरी शरीर को ढककर पेश किया गया है, जबकि मूल मूर्ति में वह खुला हुआ है। इस बदलाव ने ऐतिहासिक कलाकृति के चित्रण को लेकर तीखी बहस छेड़ दी है। कक्षा 9 की किताब के ‘हिस्ट्री ऑफ आर्ट्स’ चैप्टर में यह तस्वीर छपी है। मूल 10.5 सेमी ऊंची 4500 साल पुरानी कांस्य मूर्ति में नर्तकी के शरीर पर गहनों के अलावा कोई कपड़ा नहीं है। एक हाथ में चूडिय़ां और गले में हार है। लेकिन नई किताब में मूर्ति गहरे रंग की दिखाई गई है और ऊपरी हिस्सा ढका हुआ है, जिससे उसकी मूल बनावट छिप गई है। सबसे जरूरी बात यह है कि एनसीईआरटी की कक्षा 6 की सामाजिक विज्ञान की किताब में इसी ‘डांसिंग गर्ल’ को मूल कांस्य मूर्ति के काफी करीब दिखाया गया है।

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