- एक से डेढ़ लाख कर्मचारी होंगे प्रभावित
- गौरव चौहान

मप्र में नई तबादला नीति के तहत सरकारी कर्मचारियों के तबादले एक से 15 जून तक हो सकेंगे। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के स्थानांतरण जिला स्तर पर प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से हो सकेंगे। प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के तबादले राज्य स्तर से किए जाएंगे। स्वेच्छा से स्थानांतरण चाहने वालों के लिए पद रिक्त होने पर प्राथमिकता दी जाएगी। पति-पत्नी (दंपती) दोनों के शासकीय सेवा में होने पर पदस्थापना एक स्थान पर की जाएगी। इसके लिए पति-पत्नी समायोजन नीति बनाई गई है। गंभीर बीमारी से पीडि़त शासकीय सेवकों को भी तबादले में रियायत दी जाएगी। राज्य स्तर पर प्रभारी मंत्रियों की अनुशंसा को भी प्राथमिकता दी जाएगी। अनुमान है कि इस प्रक्रिया में एक से डेढ़ लाख अधिकारी और कर्मचारी प्रभावित होंगे।
मंत्रिपरिषद से तबादला नीति को मंजूरी मिलने के बाद विभागों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के मुताबिक सबसे पहले रिक्त पदों को भरा जाएगा, इसके बाद अधिसूचित क्षेत्रों में पदस्थापना की जाएगी। फिर स्वेच्छिक और अंत में प्रशासनिक आधार पर तबादले होंगे। अधिकांश विभागों ने संभावित तबादलों की सूची तैयार कर ली है। नई नीति के तहत एक ही स्थान पर तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों को प्राथमिकता से स्थानांतरित किया जाएगा। विधायक-सांसद या अन्य जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा होने पर भी निर्णय विभागीय लेंगे। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में बुधवार को स्थानांतरण नीति-2026 को अनुमति दी गई। इसके साथ ही कैबिनेट ने प्रतिबंध शिथिल करते हुए 15 दिन के लिए तबादले के अनुमति दी है।
पुलिस विभाग में भी बड़ी कवायद
पुलिस मुख्यालय ने सिपाही से लेकर उपनिरीक्षक स्तर तक के तबादलों के लिए 5 जून की समय-सीमा तय की है। सभी पुलिस अधीक्षकों को अपने जिलों में पांच वर्ष से अधिक समय से पदस्थ पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि किसी कर्मचारी की पुन: उसी थाने में पदस्थापना न हो, जहां वह पहले कार्य कर चुका हो।
इंजीनियरिंग विभागों में तैयारी तेज
जल संसाधन, लोक निर्माण और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभागों ने इंजीनियरों एवं कर्मचारियों की वर्तमान पदस्थापना, अतिरिक्त प्रभार और सेवा अवधि का ब्यौरा मांगा है। जिन अधिकारियों का प्रदर्शन कमजोर रहा है या जिनके खिलाफ अधिक शिकायतें मिली हैं, उन्हें भी तबादला सूची में शामिल किया जा सकता है।
शिक्षकों को मिलेगी राहत
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों के तबादले 27 फरवरी 2027 तक नहीं किए जाएंगे। विभाग ने सभी जिलों से शिक्षकों का अद्यतन डेटा मांगा है ताकि तबादला प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
स्वेच्छिक तबादलों को भी प्राथमिकता
सरकार ने पारिवारिक, स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्वेच्छिक तबादलों के लिए तीन विकल्प देने की व्यवस्था की है। अधिकारियों और कर्मचारियों से पसंदीदा पदस्थापना के तीन विकल्प मांगे गए हैं। वहीं अतिरिक्त प्रभार पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित पदस्थापना देने और विभिन्न विभागों में अटैच कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में वापस भेजने की भी तैयारी है।
सेवानिवृत्ति के करीब कर्मचारियों को छूट
जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति में छह माह या उससे कम समय शेष है, उन्हें सामान्य स्थिति में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा, भले ही वे एक ही स्थान पर तीन वर्ष की निर्धारित अवधि पूरी कर चुके हों। इस तरह सोमवार से शुरू होने वाला तबादला अभियान प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है और अगले दो सप्ताह तक तबादला सूचियों की झड़ी लगने की संभावना है।
