बांधवगढ़ में टाइगर की मौत कार्डियो रेस्पिरेटरी फेल्योर से

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में मृत मिले नर बाघ की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि उसकी मौत (कार्डियो रेस्पिरेटरी फेल्योर) हृदय और फेफड़े दोनों एक साथ काम करना बंद करने से हुई है। रिपोर्ट के अनुसार मृत बाघ की हालत बेहद खराब थी। उसके शरीर की मांसपेशियां कमजोर और सूखी पाई गईं, पाचन तंत्र खाली था तथा त्वचा भी बेजान और खराब स्थिति में थी। जांच में यह भी सामने आया कि बाघ के दाहिने कंधे पर डार्ट का निशान मिला, लेकिन वहां रक्तस्राव नहीं पाया गया। इससे संकेत मिला है कि डार्ट बाघ की मृत्यु के बाद लगाया गया था। पोस्टमार्टम में बाघ के शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में कंजेस्टिव और हेमरेजिक परिवर्तन पाए गए, जो कमजोर रक्त संचार की ओर इशारा करते हैं। विशेषज्ञों ने प्रारंभिक तौर पर कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेल्योर को मौत की संभावित वजह माना है। तीन वन्यजीव चिकित्सकों और दो विशेषज्ञों की टीम ने बाघ का पीएम किया। बाघ के शरीर के सभी अंगों का परीक्षण किया गया और आवश्यक सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजे गए हैं।

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