- मुख्यमंत्री के निर्देश: गड़बड़ी करने वाले वेयरहाउस को न बनाएं खरीदी केंद्र

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी कार्य जारी है। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव इन केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। बावजूद इसके 65 लाख के घोटाले से चर्चा में आए शुजालपुर (कालापीपाल) के ग्राम खमलाय स्थित आरएस वेयर हाउस को खरीदी केंद्र बना दिया गया। पिछले वर्ष घोटाले के आरोपों में वेयर हाउस संचालक रवि वर्मा और शिवरोज चंद्रवंशी पर मामले दर्ज हैं। वर्मा की पत्नी भी एक प्रकरण में फरार हैं। कलेक्टर ने दोनों पर एफआइआर दर्ज करवाई थी। ऐसी ही गड़बड़ी पिछले वर्ष भिंड जिले के मछंड खरीदी केंद्र में भी सामने आई थी। यहां एक करोड़ 50 लाख 55 हजार 300 रुपये कीमत का 5790.50 क्विंटल गेहूं गायब हो गया। यह बात खुद नागरिक आपूर्ति निगम और जिला सहकारी बैंक ने मानी थी। 23 दिन बाद अधिकारियों ने तर्क दिया कि गेहूं अमानक था, इसलिए 57 किसानों को लौटा दिया गया। इस बात को खाद्य विभाग के अधिकारी ने भी मान लिया और डेढ़ करोड़ कीमत के गेहूं का रिकार्ड सॉफ्टवेयर से डिलीट कर दिया था।
सरकारी गोदाम होने के बावजूद विवांदित वेयर हाउस को बनाया उपार्जन केंद्र: कालापीपल के ग्राम खमलाय में आरएस वेयरहाउस पहले से ही अनियमितताओं, विवादों, मलन और कार्रवाई जैसे मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि जब तकीपुर, सीहोर में शासन के पास स्वयं के पर्याप्त और सुरक्षित गोदाम उपलब्ध हैं तो फिर विवादित वेयरहाउस को खरीदी केंद्र क्यों बनाया। उन्होंने शाजापुर कलेक्टर और जिला आपूर्ति अधिकारी को आवेदन देकर आपत्ति भी दर्ज कराई है। साथ ही जांच की मांग की है। पत्र में बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों से इस वेयरहाउस में चोरी व अनियमितताओं की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। गत वर्ष लगभग 65 लाख रुपये के गबन, घोटाले की शिकायत हुई। वेयरहाउस संचालक रविंद्र वर्मा एवं शिवराज पर विभिन्न प्रकरण दर्ज हैं। संबंधित मामलों में गंभीर आर्थिक अनियमितताओं के आरोप भी हैं।
इनका कहना है….
मामला वेयरहाउस संचालक रवि वर्मा की पत्नी लता के नाम पर संचालित लता स्वसहायता समूह का है। समूह द्वारा गड़बड़ी की गई थी। यह जरूर है कि इस वेयर हाउस के खुले परिसर का उपयोग गेहूं रखने में किया गया था जिसके कारण इसका नाम मामले में जोड़ दिया जाता है।
पति-पत्नी मिलकर चला रहे वेयर
हाउस और स्व सहायता समूह वेयर हाउस का मालिक रविंद्र वर्मा और पार्टनर शिवराज चंद्रवंशी हैं। वहीं गेहूं खरीदी करने वाला स्व सहायता समूह को रविंद्र वर्मा की पत्नी लता संचालित करती हैं। गेहूं खरीदी में घोटाले को पति पत्नी ने मिलकर ही अंजाम दिया था। नियमानुसार, किसानों से खरीदा गेहूं पहले वेयर हाउस में रखा जाता है। इसके बाद टीसी जारी होती है और फिर बिल बनता है, लेकिन 2500 क्विंटल गेहूं वेयर हाउस पहुंचा ही नहीं और इसकी टीसी जारी कर बिल बना लिए गए। वहीं इन बिलों का भुगतान भी पा लिया।
– अंजू मरावी, डीएसओ, शाजापुर
