
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तेल बचाने की अपील के बाद सरकार बड़े पैमाने पर सक्रिय हो गई है। इसी क्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को एक इमरजेंसी मीटिंग की। इस बैठक में मंत्रियों का वह ग्रुप भी शामिल हुआ, जिसे पश्चिम एशिया में उपजे हालात पर नजर रखने के लिए तैयार किया गया है। यह बैठक, इस क्षेत्र के ताजा हालात और इससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। इससे पहले पीएम मोदी ने रविवार को हैदराबाद में रैली के दौरान सभी भारतीयों से तेल की बचत करने का आह्वान किया था। इस दौरान उन्होंने वैश्विक हालात के चलते पैदा हुई ऊर्जा संकट को लेकर एहतियाती कदम उठाने की अपील की थी। पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान संकट सिर्फ सरकार के लिए चुनौती नहीं है, बल्कि नेशनल कैरेक्टर का टेस्ट है। इसके बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध के जल्द थमने के आसार नहीं दिखने की वजह से नागरिकों से विदेशी मुद्रा भंडार को बचाकर रखने के लिए हर संभव प्रयास करने का आग्रह किया गया है। वैष्णव ने कहा कि संकट की इस घड़ी में नागरिकों को भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। उन्होंने कहाकि हम नागरिकों के रूप में अपने जीवन और कामकाज में ऐसे उपाय पहचान सकते हैं, जिनसे विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। साथ ही हमें विदेशी मुद्रा अर्जित करने के प्रयास भी बढ़ाने चाहिए।
