- सीएम ने मंत्रियों से कहा- वे लोगों को पीएम मोदी की अपील पर अमल करने को करें प्रेरित

गौरव चौहान
प्रदेश के अधिकारी कर्मचारियों को अपने तबादलों के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। इसके लिए सरकार अगली कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव ला सकती है। इस विषय पर मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की अनौपचारिक संवाद के दौरान चर्चा हुई। उन्होंने मंत्रियो से कहा कि वे लोगों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की बचत के विभिन्न उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करें। मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक से पहले सीएम ने अपने मंत्रियों के साथ कई अहम विषयों पर संवाद किया। इस दौरान नई तबादला नीति को लेकर चर्चा की गई। जनजातीय कार्यमंत्री विजय शाह ने कहा कि जो तबादला नीति आए, उसमें स्वैच्छिक आधार पर किए जाने वाले स्थानांतरण की सीमा (लिमिट) तय नहीं की जाए, जिससे जो लोग तबादला करना चाहते है, उनके स्थानांतरण हो सके। शाह के इस प्रस्ताव पर दूसरे मंत्रियों ने भी सहमति जताई, तो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पहले नीति आने दो, इस पर विचार किया जाएगा। उन्होंने एक बार फिर से सामान्य प्रशासन विभाग को अगली बैठक में तबादला नीति लाने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम ने मंत्रियों से कहा कि वे अपने अपने प्रभार के क्षेत्रों में लोगों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस अपील पर अमल करने का आग्रह करें, जिसमें उनके द्वारा वर्तमान वैश्विक संकट के दृष्टिगत नागरिकों से राष्ट्र हित में बचत के विभिन्न उपायों को अपनाने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने आग्रह किया है कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का अधिक से अधिक उपयोग करें। वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग को बढ़ावा दें। ऑनलाइन और वर्चुअल वीडियो कांफ्रेंस जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जाए। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों से डीजल पंप के स्थान पर सोलर पंप के उपयोग करने और रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में कमी लाकर प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह भी किया है। इससे पेट्रोलियम पदार्थ और उर्वरक के आयात में कमी आएगी। इसी तरह आमजन सार्वजनिक परिवहन सेवा का उपयोग कर या इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग कर ईंधन बचाने का के कार्य में सहयोग करें। सीएम ने कहा कि इस संकट काल में कम से कम 1 वर्ष विदेश जाने की योजना भी स्थगित की जाना चाहिए। देश के अंदर देश के ही पर्यटक स्थलों के भ्रमण का आग्रह किया गया है। साथ ही नागरिकों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने का भी पालन करने की अपेक्षा की गई है। यही नहीं खाने के तेल में कमी का आग्रह भी प्रत्येक परिवार के स्तर पर किया जाए, ऐसा आग्रह किया गया है।
वन्यजीव संरक्षण में मप्र अग्रणी
बोत्सवाना से चीतों के पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी तथा केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का भी आभार माना। यादव ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी मप्र में अब 5000 वर्ग किलोमीटर भूमि पर चीते मुक्त विचरण करते हुए अपना कुनचा बढऩ रहे हैं। राज्य में चीतों की संख्या बढक़र 57 हो चुकी है, चीते परिवार की तरह घुल-मिलकर रहने लगे हैं। प्रदेश के श्योपुर, कूनो, पालनपुर, राजगढ़ सहित मालवा और चंचल के क्षेत्र में चीते विचरण करते नजर आते हैं। कई बार तो ये मध्यप्रदेश से राजस्थान तक फर्राटा भरते हैं।
कूनो नेशनल पार्क में दो मादा चीतों को किया मुक्त
मुख्यमंत्री ने सोमवार को श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में दो मादा चीतों को प्राक्तिक आवास में छोड़ा गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को प्रोजेक्ट चीता के रूप में बड़ी सौगात मिली है। मध्य प्रदेश वन्य जीव संरक्षण की दिशा में लगातार नए आयाम स्थापित कर रहा है। ये दोनों चीते बोत्सवाना से लाए गए हैं, इसके बाद इन्हें कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटीन बाड़े में रखा गया था। अब दोनों चीते उनके लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की इस पहल से प्रदेश में जारी प्रोजेक्ट चीता को विस्तार और नई रफ्तार मिली है, यह कदम वन्यजीवों के साथ हमारी सहअस्तित्व की भावना को प्रकट करता है।
168 बसाहटों के लोग प्रत्यक्ष रूप से होंगे लाभान्वित
मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम जनमन योजना में 384 किलोमीटर लंबी सडक़ परियोजना को स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिससे 168 बसाहटों के लोग प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। प्रदेश में ग्रामीण विकास की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण स्वीकृतियां हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 10 लाख से अधिक किसानों से उपार्जन कर मध्य प्रदेश सभी प्रांतों से आगे है। सीएम ने बताया कि गुजरात के प्रभास पाटन में सोमनाथ मंदिर के निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने पर सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 8 से 11 मई तक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागदा-मथुरा तीसरी और चौथी रेल लाइन की स्वीकृति का निर्णय मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है. इसके लिए प्रदेशवासी केंद्र सरकार के प्रति आभारी रहेंगे। इस परियोजना से बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन और कूनो राष्ट्रीय उद्यान के निकट तक रेल संपर्क अधिक सुगम होगा। साथ ही लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। इन कार्यों से स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
