- सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी भाजपा की चिंता

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी को लेकर मंत्री विजय शाह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब भाजपा संगठन भी असमंजस में है, अब वह इस मामले को लेकर केन्द्रीय नेतृत्व से चर्चा करेगा, उसी के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
दरअसल कर्नल सोफिया को लेकर विवादित टिप्पणी करने वाले प्रदेश के मंत्री विजय शाह का मामला सुप्रीम कोर्ट के कड़े तेवर के बाद गंभीर हो गया है। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल इस मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगे। शाह मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने ही सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि, अब तक राज्य सरकार ने एसआईटी को विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दी है। दरअसल, सरकार अपने मंत्री के खिलाफ मुकदमे की अनुमति देने से बच रही है, क्योंकि ऐसा होते ही विजय शाह पर कैबिनेट से इस्तीफा देने का दबाव बढ़ सकता है। भाजपा को यह भी चिंता है कि विजय शाह आदिवासी समुदाय से आते हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई का असर पार्टी के जनाधार पर पड़ सकता है।
एसआईटी ने माना टिप्पणी को आपत्तिजनक
बताया जा रहा है कि एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में विजय शाह की टिप्पणी को आपत्तिजनक माना गया है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो एआई जनरेटेड नहीं बल्कि असली था। इसी आधार पर एसआईटी ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (1) (ए) के तहत अभियोजन की अनुमति मांगी है। हालांकि, एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि इस मामले में किसी व्यक्ति ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की कार्रवाई और विजय शाह की ओर से रखे गए पक्ष पर नाराजगी जाहिर की थी।
