
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन को और अधिक अनुशासित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्गों में सख्त नियम लागू कर दिए हैं। इस महीने आयोजित हो रहे इन प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित कर दिया गया है। भाजपा कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग के दौरान 36 घंटे मोबाइल से दूर रहेंगे। प्रशिक्षण वर्ग के बाहर मोबाइल पार्किंग बनाई जा रही है, जहां सभी भाजपा कार्यकर्ताओं के मोबाइल जमा होंगे। भाजपा ने मंडल स्तर के प्रशिक्षण वर्ग के बाद जिला स्तर के प्रशिक्षण शुरू कर दिए हैं। खास बात यह है कि इन प्रशिक्षण वर्ग में सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को रात रुकना अनिवार्य किया गया है। जिले में रहने वाले राष्ट्रीय स्तर से लेकर बूध स्तर तक के सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होना होगा। भाजपा इन प्रशिक्षण वर्ग के लिए 100 पेज की गाइडलाइन तैयार की है। गाइडलाइन को प्रदेश के सभी संगठनात्मक जिलों में भेज दिया है। गाइडलाइन के अनुरूप जिलों में प्रशिक्षण वर्ग की तैयारियां शुरू हो गई हैं। भाजपा इन प्रशिक्षण वर्ग के जरिए युवा नेताओं को तैयार कर रही है। युवा नेता और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के जरिए अनुशासन सिखाया जा रहा है। भाजपा के ये जिला प्रशिक्षण वर्ग संघ की तर्ज पर आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण वर्ग में बिना पंजीयन के किसी भी नेता और कार्यकर्ता को शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशिक्षण के पंजीयन भी ऑनलाइन होंगे।
प्रशिक्षण के बाद होगा टेस्ट
भाजपा कार्यकर्ताओं को 36 घंटे के आवासीय प्रशिक्षण सत्रों के बाद एक अनिवार्य टेस्ट देना होगा, ओ नीट-यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तर्ज पर होगा। इस टेस्ट में कार्यकर्ताओं को 80 फीसदी अंक लाना भी जरूरी है। इस टेस्ट में पार्टी की विचारधारा से संबंधित और प्रशिक्षण वर्ग में जो सीखा है, उससे जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य कार्यकर्ताओं में अनुशासन बढ़ाना और प्रशिक्षण सत्रों के दौरान पूर्ण एकाग्रता सुनिश्चित करना है। यह ट्रेनिंग सत्र 2027 के निकाय चुनाव और 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए संगठनात्मक तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है। ट्रेनिंग में अनुपस्थित रहने पर पद पर संकट आ सकता है।
सीएम, प्रदेश अध्यक्ष भी होंगे शामिल
भाजपा का जिला प्रशिक्षण वर्ग भोपाल में 16 से 17 तक रहेगा। इस प्रशिक्षण वर्ग में भोपाल में रहने वाले सभी नेता, संसद विधायक और राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारियों को भी शामिल होना होगा। अगर प्रशिक्षण अवधि के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राजधानी में मौजूद रहते है, तो वे भी प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होंगे और रात रुकेंगे। भाज्या प्रदेश अध्यक्ष भी सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होंगे। राजधानी में होने वाले प्रशिक्षण वर्ग में करीब 300 कार्यकर्ताओं के शामिल होने का अनुमान है।
