आईएएस एकेडमी की डायरेक्टर को किडनैप कर वसूले 1.89 करोड़

किडनैप
  • भोपाल में कनपटी पर पिस्टल सटाकर चार घंटे तक रखा बंधक

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। खुद आईएएस नहीं बना तो एक छात्र ने एकेडमी की फ्रेंचायजी ली। कोविड में घाटा लगने पर उसका पैसों को लेकर एकेडमी की महिला संचालिका से विवाद हुआ। बदला लेने के लिए आरोपी ने महिला को सरकार से बड़ा प्रोजेक्ट दिलाने के बहाने दिल्ली से भोपाल बुलाया और किडनैप कर 1.89 करोड़ रुपए लूट लिए। पिस्टल की नोक पर दो खातों में राशि ट्रांसफर करवा ली। वारदात के लिए उसने रीवा दतिया से हथियारबंद बदमाश बुलाए थे। वीडियो बनाकर महिला को मौत और कानून का भय दिखाया। इससे आरोपी को लगा कि महिला किसी से शिकायत नहीं करेगी। पीडि़ता ने घटना की जानकारी उससे पढ़े आईएएस अफसरों को दी। उन्होंने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से संपर्क किया। महिला ने पूरा घटनाक्रम बताया। रिपोर्ट पर क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी समेत 6 की गिरफ्तार कर लिया। मामले में दो आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने लूटी गई राशि को बैंक में होल्ड करवा लिया है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि हरदेव नगर दिल्ली निवासी संतोष कुमार पिता नीलेंदु शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि शुभ्रा (शुभ्रा रंजन आईएएस एकेडमी की डायरेक्टर) एवं अन्य सहयोगियों को भोपाल निवासी प्रियांक शर्मा एवं उसके साथियों द्वारा एडमिशन एवं सेमिनार का झांसा देकर भोपाल बुलाया गया। इसके बाद सभी को एक अज्ञात स्थान पर ले जाकर हथियारबंद बदमाशों ने बंधक बना लिया। पिस्टल अड़ाकर जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने दबाव बनाकर सोसायटी जनकशिला एवं आरएस इंटरप्राइजेस खातों में कुल 1.89 करोड़ रुपए आनलाइन ट्रांसफर करवा लिए।
बाहर चीख न सुनाई दे इसलिए सुंदर कांड रखा
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी प्रियांक शर्मा 2016 में महिला की आईएएस एकेडमी में कोचिंग कर रहा था। जहां पर फेल हो गया। 2019 में उसने एकेडमी की फ्रेंचायजी ली और पटना में संस्था ओली। कोविड में प्रियांक को घाटा हो गया। इसके लिए उसने महिला को दोषी ठहराया और अपने पैसे मांगे। कुछ समय बाद प्रियांक ने भोपाल में जनकशिला नाम से कोचिंग संस्था डाली। उसे पैसों की कमी पड़ रही थी। इसकी पूर्ति के लिए महिला को झांसे में लिया। उसने कहा कि भोपाल में बड़ा सेमिनार कर रहे हैं। मिलकर सरकार से बड़ा प्रोजेक्ट लेंगे। झांसे में आने के बाद महिला 30 अप्रैल को भोपाल पहुंची।

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