
- याचिका का निराकरण, अवमानना दर्ज करने दिए थे निर्देश
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। सुप्रीम कोर्ट ने कटनी जिले की विजयराघवगढ़ सीट से भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़े आपराधिक अवमानना के मामले में सोमवार को अहम निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जायमाल्या बागची की युगलपीठ ने याचिकाकर्ता आशुतोष मनु दीक्षित को इस मामले में फिर से हाईकोर्ट जाने की स्वतंत्रता देते हुए उनकी विशेष अनुमति याचिका को निराकृत कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि विधायक के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज किए गए आपराधिक अवमानना के प्रकरण पर हाईकोर्ट ही विचार करने के लिए सक्षम है। इस टिप्पणी के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी विशेष अनुमति याचिका वापस ले ली। इससे पहले 2 अप्रैल को हाईकोर्ट ने इस मामले का निराकरण करते हुए घटना को संज्ञान में लिया था और विधायक के खिलाफ आपराधिक अवमानना का प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे।
यह है पूरा मामला: कटनी निवासी आशुतोष मनु दीक्षित ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि विधायक संजय पाठक से संबंधित एक कंपनी के विरुद्ध अवैध खनन मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की अदालत में चल रही थी। 1 सितंबर, 2025 को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मिश्रा ने स्वयं को इस मामले से अलग कर लिया था।
