
हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने वंदे मातरम् की गरिमा बनाए रखने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता एवं अधिवक्ता योगेश हेमनानी ने स्वयं कोर्ट में पक्ष रखते हुए कहा कि वर्तमान में इस विषय पर कोई ठोस और प्रभावी दिशा-निर्देश मौजूद नहीं हैं। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 51अ (ए) का हवाला दिया गया है। हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव, गृह सचिव सहित अन्य संबंधित शासकीय विभागों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट यह जानना चाहता है कि राष्ट्रीय गीत के सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और आगे क्या नीति बनाई जा सकती है। याचिका के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि भविष्य में किसी भी सरकारी या सार्वजनिक मंच पर वंदे मातरम् के दौरान अनुशासन और सम्मान की भावना बनी रहे।
