चना और मसूर खरीदी की तारीख तय नहीं कर पाई सरकार

  • एमएसपी पर गेहूं की खरीदी शुरू …

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र में इस साल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना और मसूर की खरीदी में हुई देरी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। कृषि मंडियों में भावों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। यही वजह है कि व्यापारी मनमर्जी से औने-पौने दामों पर किसानों से अनाज खरीद रहे हैं। किसानों को पैसों की जरूरत के चलते मजबूरी में मंडियों में कम दामों पर अनाज बेचना पड़ रहा है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। कृषि मंडियों में वर्तमान में गेहूं का औसत भाव 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल, चने का औसत भाव 5000 से 5200 रुपए प्रति क्विंटल और मसूर का 6000 से 6200 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि गेहूं की एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल (40 रुपए बोनस अलग से मिलेगा), चने की 5875 रुपए प्रति क्विंटल और मसूर की एमएसपी 7000 रुपए प्रति क्विंटल है।
इस तरह मंडियों में अनाज बेचने पर किसानों को एमएसपी के मुकाबले गेहूं पर औसत 500 रुपए, चने पर 700 और मसूर पर 800 रुपए प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सागर जिले के दुगाहा खुर्द के किसान शुभम सिंह का कहना है कि उनके जिले में अभी एमएसपी पर गेहूं, चना और मसूर की खरीदी शुरू नहीं हुई है। पैसों की जरूरत के चलते उन्हें मजबूरी में शुक्रवार को खुरई कृषि मंडी में गेहूं 2100 रुपए प्रति क्विंटल और चना 500 रुपए प्रति क्विंटल बेचना पड़ा। जिले की सभी मंडियों में भाव का यही हाल है। सरकार की मंडियों में भावो पर नियंत्रण करना चाहिए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान न हो।
असमंजस में किसान, कब होगी चना-मसूर की खरीदी
डॉ. मोहन यादव कैबिनेट गत 7 अप्रैल को चना और मसूर की एमएसपी पर खरीदी के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी है. लेकिन अब तक इन उपजों की खरीदी की तारीख तय नहीं हो पाई है। चना व मसूर के उत्पादक किसान असमंजस में हैं कि इनकी खरीदी कब तक शुरू होगी। मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ भोपाल द्वारा चना व मसूर का उपार्जन किया जाएगा। उप्र में गत 2 अप्रैल से चना और मसूर की एमएसपी पर खरीदी शुरू हो चुकी है।
दो दिन में किसानों को 6.37 करोड़ का भुगतान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी जारी है। जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय खरीदी केन्द्रों पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को खरीदी केन्द्रों पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। उन्हें गेहूं बेचने के लिये इंतजार नहीं करना पड़े। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अभी तक 7 हजार से अधिक किसानों से 3 लाख 6 हजार 190 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। दी दिन में किसानों को 6 करोड़ 37 लाख रुपए का भुगतान भी उनके बैंक खाते में किया जा चुका है। गेहूं का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूं का उपार्जन शुरू किया जाएगा। अभी तक एक लाख 90 हजार 261 किसानों द्वारा 85 लाख 12 हजार 830 क्विंटल गेहूं के विक्रय के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। गेहूं खरीदी के लिए 3171 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि जिन जिलों में गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहां गेहूं विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों पर छायादार स्थान में बैठने और पेयजल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

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