
तेल अवीव। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ एक वास्तविक और स्थायी शांति समझौता करने की इच्छा जताई है। उन्होंने ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि उनका प्रशासन आतंकी शासन के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखेगा। नेतन्याहू ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मेरे नेतृत्व में इस्राइल ईरान के आतंकी शासन और उसके सहयोगियों के खिलाफ लड़ता रहेगा। यह उन लोगों के विपरीत है जो उनकी मदद करते हैं और अपने कुर्द नागरिकों का भी नरसंहार करते हैं।”
इस्राइल अगले सप्ताह लेबनान के साथ औपचारिक वार्ता शुरू करने पर सहमत हो गया है। नेतन्याहू ने दोहराया कि इस्राइल लेबनान के साथ एक स्थायी शांति व्यवस्था चाहता है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे समझौते में दीर्घकालिक सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित होनी चाहिए। बीते कुछ हफ्तों में इस्राइल ने हिजबुल्ला के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के साथ लेबनानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में जमीनी घुसपैठ की थी। एक वीडियो संबोधन में नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल लेबनान के साथ शांति समझौते के लिए तैयार है, लेकिन केवल तभी जब वह दीर्घकालिक और हिजबुल्ला की सैन्य क्षमताओं को खत्म करने की शर्त पर हो।
नेतन्याहू ने कहा, “लेबनान ने हमसे संपर्क किया है। पिछले महीने उन्होंने सीधे शांति वार्ता शुरू करने के लिए कई बार संपर्क किया है।” उन्होंने आगे कहा, “मैंने अपनी मंजूरी दे दी है, लेकिन दो शर्तों पर: हम हिजबुल्लाह के हथियारों का उन्मूलन चाहते हैं और हम एक वास्तविक शांति समझौता चाहते हैं जो पीढ़ियों तक चले।” लेबनान के खिलाफ इस्राइली सैन्य गतिविधि के बीच तेहरान ने फिर कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच हुए युद्धविराम में लेबनान पर हमले रोकना भी शामिल है। ईरानी मीडिया ने यह भी कहा कि पता चला है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल स्थिति के संबंध में आवश्यक निर्णय लेने के लिए हिजबुल्ला के संपर्क में है।
