
- कांग्रेस में चुप्पी… राजनीति गरमाई
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। इंदौर नगर निगम की बजट बैठक में कांग्रेस की महिला पार्षदों द्वारा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के अपमान अब प्रदेश स्तर पर तनातनी की वजह बन गया है। जिलाध्यक्ष के प्रस्ताव के बाद भी दो दिन से मामले में चुप्पी साधकर बैठी प्रदेश कांग्रेस निशाने पर आ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे कांग्रेस का दोहरा चरित्र बताकर कठघरे में खड़ा कर दिया है। वहीं प्रदेश कांग्रेस अब भी इतिहास के सहारे अपने ऊपर लगे दाग को मिटाने की कोशिश में है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को मामले पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर नाराजगी जताई। सुबह-सुबह आए सीएम के बयान से पूरे सूबे की राजनीति अचानक गरमा गई। दो दिन से अपने ही पाले में खेल रही कांग्रेस के नेता इतिहास के पन्ने पलटने में जुट गए। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी एक बार फिर कार्रवाई को लेकर अगल-बगल की बातें करने लगे तो संगठन भी सौ साल पुरानी तस्वीर के सहार वंदे मातरम के अपमान से पल्ला झाड़ते नजर आए। बैठक के तत्काल बाद इंदौर शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे द्वारा भेजे गए कार्रवाई के प्रस्ताव पर भी प्रदेश संगठन दो दिन बाद भी कार्रवाई के सवालों के जवाब ही ढूंढ रहा है। इससे इंदौर से लेकर भोपाल तक कांग्रेस में ही खींचतान की स्थिति बन गई है। सूत्रों की मानें तो प्रदेश नेतृत्व ने अपने प्रवक्ताओं और मीडिया से जुड़े नेताओं को भी कुछ न बोलने की हिदायत दे डाली है। इस मुद्दे पर इलेक्ट्रानिक चैनलों पर होने वाली डिबेट से भी सभी को दूर रहने कहा है। इतना ही नहीं, किसी तरह की बाइट देने से भी रोक दिया गया है। प्रदेश नेतृत्व के इस रवैये से मची खींचतान के बीच राष्ट्रीय गीत और कांग्रेस का अपमान करने वाली महिला पार्षद आज भी बात पर कायम हैं और पार्टी की रीति-नीति को खुलकर कोस रही हैं।
संगठन मान रहा अक्षम्य भाषा: इस मामले में संगठन ही प्रदेशाध्यक्ष से अलग भाषा बोल रहा है। प्रदेश के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले दोनों पार्षदों की भाषा को दुर्भाग्यपूर्ण अक्षम्य मान रहे हैं। मगर कार्रवाई दिल्ली से होना है। इसलिए प्रदेश नेतृत्व दिल्ली दरबार की ओर देख रहा है। ऐसे में इंदौर के नेताओं की हालत सबसे ज्यादा खराब है। पार्टी को दुविधा में डालने वालीं पार्षद रुबीना खान और फौजिया शेख अभी भी पार्टी विरोध बयान से पीछे नहीं हैं।
बीजेपी एफआईआर की तैयारी में: भाजपा ने राष्ट्रीय गीत का अपमान करने वाली दोनों कांग्रेस पार्षदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं भाजपा इंदौर शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पटवारी को पत्र लिखकर दोनों पार्षदों के निष्कासन की मांग की है। इंदौर के भाजपा विधायकों के अलावा हिंदू जागरण मंच भी मैदान में आ चुका है।
मुख्यमंत्री ने बताई बेशर्मी की हद
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस को इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस दोहरे चरित्र से बाहर नहीं निकल पा रही। महिला पार्षदों ने बेशर्मी की हद पार कर दी। कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ये लोग देश को कहां ले जाएंगे? देशभक्तों का और कितना अपमान करेंगे। हजारों देशभक्तों ने भारत माता की जय बोलते-बोलते प्राण त्याग दिए। मुझे इस बात का दुख और ग्लानि हो रही है। सीएम ने कहाकि प्रदेशाध्यक्ष पटवारी जो हर मामले पर बोलते हैं, वो अब इस पर क्यों नहीं बोल रहे। कांग्रेस की पार्षद की टिप्पणी पर उनका क्या कहना है। अगर इस पर पटवारी और कांग्रेस नेता कोई कार्रवाई नहीं कर पाते, तो सभी को इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए सीएम ने कहा, जब देखो तब कांग्रेसी भगवान राम की निंदा करते हैं, हिंदुओं का अपमान करते हैं।
हमें न बताएं राष्ट्र गान व गीत का महत्व पटवारी
पीसीसी चीफ पटवारी का कहना है कि देश के संविधान में और कांग्रेस के संविधान में देश की आजादी की यात्रा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के महत्व को किसी को बताने या छिपाने की आवश्यकता नहीं हैं। कांग्रेस पार्टी के हर अधिवेशन में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का अपना महत्व है, हमें किसी से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। इस दौरान पटवारी कांग्रेस के अल्प संख्यक नेताओं का बचाव करने में भी पीछे नहीं रहे। कांग्रेस के किसी पार्षद ने कोई बात कही है तो वह बात भी पार्टी के संज्ञान में है, पार्टी जब निर्णय लेगी सबको बता देगी।
