
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) 3200 करोड़ रुपये से ज्यादा के साइबर फ्रॉड के मास्टरमाइंड लविश चौधरी उर्फ नवाब को अगले चार माह में वापस ला सकती है। इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब इस मामले में केंद्र सरकार ने भी एक्शन लेना शुरू कर दिया है। पीएचक्यू के एक वरिष्ठ अफसर के मुताबिक, रेड नोटिस के बाद उसे दुबई से भारत लाने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। प्रत्यर्पण के नियमों के अनुसार लविश को लाने से पहले भारत सरकार की तरफ से अपराधों की डिटेल के साथ उसे कस्टडी में रखने की जगह तक की जानकारी भेजी जाएगी। यूएई के नियमों के अनुसार इस सारी कार्रवाई में लगभग तीन से चार माह का समय लग सकता है। यह मप्र एसटीएफ के लिए पहला ऐसा मामला होगा जब विदेश में छिपे किसी अपराधी को वापस लाया जाएगा।
रेड नोटिस के बाद केंद्र सरकार ने किए ये प्रयास
दो माह पहले ही रेड नोटिस जारी होने के बाद एसटीएफ ने इंदौर की स्पेशल कोर्ट में प्रत्यर्पण की अर्जी दाखिल की थी। कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद अब उसे लाने की प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार की मदद ली जा रही है। एसटीएफ ने इसके लिए एफआईआर, केस डायरी, सबूत जैसे लगभग 200 दस्तावेजों का हिंदी से अरबी और अंग्रेजी में अनुवाद कराया है और इन्हें सीआईडी के जरिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को भेजा है। यहां से इन्हें यूएई सरकार को सौंपा जाएगा। विदेश और गृह मंत्रालय भी अपने-अपने स्तर पर यूएई के साथ डिप्लोमैटिक चैनलों और इंटरपोल के जरिए लगातार फॉलो-अप ले रहे हैं। पीएचक्यू को उम्मीद है कि अगर सब सुचारू रहा तो 3 से 4 महीने में यूएई की अदालत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे देगी, जिसके बाद एसटीएफ टीम दुबई जाएगी।
कई कंपनियों के जरिए की ठगी
लविश मूल रूप से यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और बतौर बास्केटबॉल कोच उसने अपना करियर शुरू किया था। इंदौर के ईशान सलूजा की शिकायत पर जब एसटीएफ ने जांच शुरू की तो उजागर हुआ कि वह 3200 करोड़ की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड है। इस मामले में उसके 10 साथियों को एसटीएफ पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। लविश ने बोटब्रो, क्यूएफएक्स ट्रेड, यॉर्कर एफएक्स, टीएलसी कॉइन जैसी फर्जी कंपनियों में निवेश एक से दो साल में ही दोगुना होने का झांसा देकर लोगों से रकम म्यूल खातों में जमा कराई। इस फंड को क्रिप्टो और हवाला के जरिए दुबई ट्रांसफर किया गया, जिससे लविश ने लग्जरी प्रॉपर्टी खरीदी।
