
नगर परिषद अध्यक्ष पुत्र की बदसलूकी पर बंद हुई दुकानें, भाजपा नेता ने सौंपे वीडियो साक्ष्य
मधुसूदनगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष श्यामलाल अहिरवार और भाजपा जिला मंत्री रुद्र देव सिंह के बीच चल रहा विवाद दूसरे दिन और गहरा गया। विकास कार्यों व प्रशासनिक निर्णयों को लेकर शुरू हुआ यह टकराव अब दुकानदारों और पुलिस तक पहुंच गया है। रुद्र देव सिंह के समर्थन में दुकानदारों का समूह मधुसूदनगढ़ थाने पहुंचा और नगर परिषद अध्यक्ष पर झूठी शिकायत करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। इसी दौरान दुकानदारों का आरोप है कि नगर परिषद अध्यक्ष के बेटे ने आवेदन देने पहुंचे व्यापारियों से माली-गलौच की। इससे नाराज कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। एक दुकानदार ने अध्यक्ष के बेटे के खिलाफ थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। नगर परिषद अध्यक्ष अहिरवार ने रुद्र देव सिंह पर पद से हटवाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस से सुरक्षा मांगी है। जवाब में रुद्र देव ने भी ऑडियो-वीडियो साक्ष्य पुलिस को सौंपते हुए झूठी शिकायत की जांच की मांग की है। थाना प्रभारी संदीप यादव ने बताया कि दोनों पक्षों के आवेदनों की जांच की जा रही है।
हाईकोर्ट ने कहा- समान आरोपों पर अलग-अलग सजा भेदभावपूर्ण
हाईकोर्ट ने समान आरोपों के बावजूद अलग-अलग सजा देने को भेदभावपूर्ण माना है। कोर्ट ने कहा, आरोप और परिस्थितियां समान हों, तो सजा भी समान होनी चाहिए। जस्टिस मनिंदर सिंह भट्टी की सिंगल बेंच ने इसी के साथ महिला प्रहरी को राहत दे दी। मामला केंद्रीय जेल जबलपुर से जुड़ा है। 2006 में एक महिला बंदी ने अत्महत्या की थी। इस घटना के बाद ड्यूटी पर तैनात महिला प्रहरी पुष्पा नायडू और मैट्रन देवकुमारी पारोचे के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई थी। याचिकाकर्ता ने दलील दी, विभाग ने पुष्पा नायडू पर 3 वेतनवृद्धियां रोकने की सजा दी, जबकि समान आरोपों के बावजूद मैट्रन की केवल एक वेतनवृद्धि रोकी। हाईकोर्ट ने पाया कि दोनों कर्मचारियों के विरुद्ध आरोप लगभग समान थे, घटना भी एक ही थी। ऐसे में अलग-अलग सजा देना न्यायसंगत नहीं है। यह समानता के सिद्धांत का उल्लंघन है।
यूपी-एमपी की साझेदारी, वाराणसी में 31 को सम्मेलन
मध्यप्रदेश अब पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के साथ साझेदारी करने जा रहा है। यह साझेदारी निवेश, निर्यात, ओडीओपी, शिल्प और पर्यटन क्षेत्र में होगी। इसके लिए 31 मार्च को वाराणसी में सहियोग सम्मेलन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इसमें मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सीएम डा. यादव के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अध्ययन भ्रमण से होगी, जहां क्राउड फ्लो डिजाइन, अधोसंरचना लेआउट और तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणालियों का गहन अवलोकन किया जाएगा। इस अनुभव के आधार पर मप्र में धार्मिक स्थलों के विकास, सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थागत सुधार के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित किया जाएगा।
कुछ लोग बिगाडऩा चाहते हैं कुंभ की व्यवस्था: रवींद्र पुरी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। निरंजनी अखाड़े के श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज ने अध्यक्ष पद की दावेदारी पर तीखा हमला बोलते हुए स्पष्ट किया कि अखाड़ा परिषद के चुनाव प्रयागराज कुंभ के संपन्न होने के बाद कराए जाएंगे। उज्जैन में नगर पूजा और कन्या भोज के बाद गत दिवस रवींद्र पुरी ने कहा, कुछ असामाजिक तत्व और गुट कुंभकी मर्यादा और व्यवस्था की खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से की जा रही दावेदारी पर तंज कसते उन्होंने कहा कि जब किसी को अपेक्षित पद नहीं मिल पाता, तो मानसिकता कमजोर हो जाती है। उन्होंने कहा, कुंभ के समय से ही लोग वास्तविक नेतृत्व को जानते हैं। नासिक में भंडारे के नाम पर अध्यक्ष बनना उचित नहीं है।
