कीव। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बड़ा दावा किया है। मंगलवार को जेलेंस्की ने कहा कि उनके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि रूस, ईरान को युद्ध के लिए खुफिया जानकारी (इंटेलिजेंस सपोर्ट) मुहैया करा रहा है। जेलेंस्की के अनुसार, रूस की यह मदद ईरान को युद्ध में टिके रहने में मदद कर रही है और इससे संघर्ष और लंबा खिंच रहा है। इस बात के सबूत मिले हैं कि रूसी सरकार ईरानी शासन को खुफिया सहायता दे रहा है। यह स्पष्ट रूप से विनाशकारी है और इसे रोकना आवश्यक है, क्योंकि इससे केवल अस्थिरता ही बढ़ती है। बाजार पहले से ही नकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इससे कई देशों में उर्जा जरूरत की स्थिति गंभीर हो रही है। ईरानी शासन को सत्ता में बने रहने और अधिक सटीक हमले करने में मदद करके, रूस युद्ध को लंबा खींच रहा है। इसका जवाब देना होगा।
इसी बीच, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बात की। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने फारस की खाड़ी में अमेरिका और इस्राइल की आक्रामकता के कारण बिगड़ते हालात पर चर्चा की। उन्होंने इस संघर्ष के कैस्पियन क्षेत्र तक फैलने की आशंका पर भी चिंता जताई। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि, सर्गेई लावरोव ने ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर अमेरिका और इस्राइल के हमलों को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों से वहां तैनात रूसी कर्मियों की सुरक्षा को खतरा पैदा होगा और इससे पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी पर्यावरणीय परिणाम हो सकते हैं।
दूसरी ओर, इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को बताया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की है। नेतन्याहू ने कहा कि वे एक ऐसे समझौते के माध्यम से युद्ध के लक्ष्यों को हासिल करेंगे जो इस्राइल के महत्वपूर्ण हितों की रक्षा करेगा। इसके साथ ही हम मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु कार्यक्रम को खत्म कर रहे हैं, और हिज्बुल्लाह पर लगातार गंभीर हमले कर रहे हैं। कुछ ही दिन पहले, हमने दो और परमाणु वैज्ञानिक को भी मार गिराया। हम किसी भी हालत में अपने जरूरी हितों की रक्षा करेंगे।
