बिच्छू डॉट कॉम: टोटल रिकॉल/भिंड सांसद ने उठाया अवैध खनन का मामला, सरकार ठोस कदम उठाए

भिंड सांसद

भिंड सांसद ने उठाया अवैध खनन का मामला, सरकार ठोस कदम उठाए
प्रदेश में नदियों से अवैध रेत खनन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। अब यह मुद्दा लोकसभा में भी उठाया गया। सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान भिंड से बीजेपी सांसद संध्या राय ने सिंध नदी में हो रहे अवैध रेत खनन का मामला उठाया। राय ने कहा कि भिंड और दतिया जिले सिंध नदी से जुड़े हैं, और नदी के किनारे का बड़ा हिस्सा वन विभाग के अंतर्गत आता है। उन्होंने बताया कि सरकार वन और नदियों के संरक्षण के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन कुछ आपराधिक तत्व वन क्षेत्र के जरिए अवैध रेत खनन कर रहे हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने सरकार से इस पर ठोस कदम उठाने की मांग की। इस पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि सरकार वन और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने माना कि संबंधित क्षेत्र में नदी किनारे जंगलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि यह गंभीर विषय है और ऐसे मामलों को रोकने के लिए प्रदेश सरकार के पास पर्याप्त कानूनी प्रावधान मौजूद हैं, जिनके जरिए रेत और वन माफियाओं पर कार्रवाई की जा सकती है।

संजीव श्रीवास्तव बने मप्र के जनगणना निदेशक, तीन साल के लिए हुई नियुक्ति
केंद्र सरकार ने सोमवार को मप्र में जनगणना निदेशक के पद पर नियुक्ति कर दी है। लोक निर्माण विभाग में अपर सचिव के पद पर पदस्थ संजीव श्रीवास्तव को जनगणना निदेशक बनाया गया है। उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए की गई है। श्रीवास्तव को तीन सप्ताह के अंदर जनगणना निदेशक का पदभार ग्रहण करना होगा। श्रीवास्तव अभी तमिलनाडु में हो रहे विधानसभा चुनाव में पर्यवेक्षक के रूप में ड्यूटी करने पहुंचे हैं। मप्र में जनगणना निदेशक का पद सितंबर, 2025 से खाली है। आईएएस अधिकारी भावना वालिम्बे के जनगणना निदेशक के पद से रिटायर्ड होने के बाद केंद्र और राज्य शासन ने यहां अब तक किसी अधिकारी की पोस्टिंग नहीं की थी। अब तक छत्तीसगढ़ के जनगणना निदेशक ही मप्र का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे और फरवरी में कलेक्टरों की ट्रेनिंग उन्हीं के नेतृत्व में कराई गई है। अब नए जनगणना निदेशक के पदभार संभालने के बाद जनगणना गतिविधियों में तेजी आएगी। भोपाल सहित प्रदेश के सभी जिलों में जनगणना की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

वीडी शर्मा ने की एनआईटी जैसे संस्थान की मांग
खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने लोकसभा प्रश्नकाल में के दौरान बुंदेलखंड में उच्च शिक्षा संस्थान स्थापित करने की मांग उठाई। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से अपने संसदीय क्षेत्र सहित बुंदेलखंड के युवाओं के बेहतर भविष्य और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के विस्तार को लेकर सवाल किया। उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, (एनआईटी) जैसे संस्थान की स्थापना के संबंध में केंद्र सरकार की योजना के बारे में जानकारी मांगी। मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मामले में विस्तार से चर्चा कर जल्द निर्णय लिया जाएगा।

सतना सांसद ने स्कूलों के बजट का मुद्दा उठाया
प्रश्नकाल में ही सतना सांसद गणेश सिंह ने स्कूलों के बजट का मामला उठाया। मप्र में सतना संसदीय क्षेत्र में समग्र शिक्षा योजना के तहत स्कूलों के नए भवन और बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जब मंत्री से जानकारी मांगी तो उन्होंने कहा कि बजट के आवंटन की कमी है। क्या मंत्री राज्य के साथ बैठकर कोई इस तरह की समीक्षा करेंगे। शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि सांसद ने कहा है कि बजट की कमी के कारण आधारभूत संरचना में जो निवेश मध्य प्रदेश में हो सकता था वो शायद नहीं हो पाया। ऐसी जानकारी की मैं सदन में पुष्टि नहीं कर सकता। इन्फ्रास्ट्रक्चर में जो कमी यूडाइस पर दिखती है केंद्र सरकार आंकड़े देखकर पीएबी प्रोजेक्ट अप्रुवल बोर्ड में राज्य की सुनवाई होती है और समन्वय बनाकर बातचीत करके तय करते हैं और उसी के हिसाब से बजट आवंटन होता है।

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