बिच्छू राउंडअप/पश्चिम एशिया संकट के बीच आज भारत आएंगे अमेरिकी युद्ध नीति के उप सचिव कोल्बी

कोल्बी

पश्चिम एशिया संकट के बीच आज भारत आएंगे अमेरिकी युद्ध नीति के उप सचिव कोल्बी
पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग के बीच भारत और अमेरिका ने अपनी रणनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में मंगलवार को अमेरिकी युद्ध नीति उप सचिव एल्ब्रिज कोल्बी भारत दौरे पर पहुंचेंगे। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य क्षेत्रीय अस्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों पर पडऩे वाले प्रतिकूल प्रभावों पर चर्चा करना है। इसके साथ ही यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से फरवरी 2025 में जारी संयुक्त वक्तव्य में तय लक्ष्यों को आगे बढ़ाना और अमेरिका-भारत प्रमुख रक्षा साझेदारी के ढांचे को लागू करना होगा। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस दौरे की पुष्टि करते हुए कहा है कि हम उनके स्वागत के लिए उत्सुक हैं। कोल्बी को ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिकी रक्षा नीति के निर्माण में प्रमुख व्यक्तियों में से एक माना जाता है। यह उनकी भारत की पहली यात्रा है। इससे ठीक पहले हिंद-प्रशांत कमांडर एडमिरल सैमुअल पापारो और अमेरिकी अंतरिक्ष कमान के प्रमुख जनरल स्टीफन व्हाइटिंग समेत वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने भारत का दौरा किया था।  

केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में खत्म नहीं होगा टोकन सिस्टम, होंगे सुगम दर्शन
अगले माह से शुरू हो रही चारधाम यात्रा में इस बार भी केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए टोकन सिस्टम व्यवस्था लागू रहेगी। पर्यटन व जिला प्रशासन ने पिछले साल दोनों धामों में टोकन व्यवस्था लागू की थी, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ बढऩे पर टोकन काम नहीं आया था। पर्यटन विभाग ने वैष्णों देवी समेत देश के अन्य बड़े मंदिरों की तर्ज पर केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए टोकन व्यवस्था लागू की थी। इसका मकसद था कि श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबी लाइनों में खड़ा न होना पड़े। यात्रा पंजीकरण पर श्रद्धालुओं के धाम में पहुंचने पर उन्हें टोकन नंबर देने की व्यवस्था की गई थी। टोकन में दर्शन करने का समय दिया गया था। शुरूआत में टोकन मिलने के बाद भी श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लाइन में लग कर इंतजार करना पड़ा। चारधाम तीर्थपुरोहित महापंचायत ने टोकन व्यवस्था को अव्यवहारिक बताते हुए सरकार से भी टोकन सिस्टम को समाप्त करने की मांग की है। महापंचायत के महासचिव डॉ. बृजेश सती का कहना है कि टोकन सिस्टम से श्रद्धालुओं को दर्शन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सचिव पर्यटन धीराज गब्र्याल का कहना है कि केदारनाथ व बदरीनाथ धाम में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन हो सके। इसके लिए व्यवस्था बनाई गई।

सुरक्षा पर सवाल: छत्तीसगढ़: 36 महीने में 36 हजार महिलाएं लापता
राज्य में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। राज्य में औसतन हर दिन 30 महिलाएं गायब हो रही हैं। इनमें से 10 से 12 नाबालिग बच्चियां हैं। वर्ष 2023 से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश से 36,662 महिलाएं और बच्चियां लापता हुई हैं। इनमें से 7,188 को खोजा नहीं जा सका है। पिछले तीन वर्षों में 10,753 बालिकाएं लापता हुईं, जबकि 11,825 को बहला-फुसलाकर ले जाया गया। सरगुजा, जशपुर, कोरबा, बलरामपुर और बस्तर जैसे सीमावर्ती जिलों में मानव तस्करी की घटनाएं अधिक होती हैं। वहीं बच्चों की गुमशुदगी के मामले में देश में छग छठे स्थान पर है। जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच राज्य से 982 बच्चे लापता हुए, जिनमें से 400 का पता नहीं चल सका है।

लोकसभा-2029 में महिलाओं को मिलेगा 33 फीसदी आरक्षण
लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित करने के लिए सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आई थी। यह बिल पारित हो जाने के बावजूद लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू नहीं हो सका है। अब सरकार जल्द से जल्द महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने, यह कानून लागू करने की तैयारी में है। महिलाओं को आरक्षण देने के लिए सरकार अब संसद में संशोधन विधेयक लाएगी। इस बिल में लोकसभा सीटों के परिसीमन और सीटें बढ़ाने के लिए 2011 की जनगणना को ही आधार मानने का प्रावधान किया जाएगा। यह संशोधन विधेयक पारित होने के बाद नए परिसीमन में लोकसभा की सीटें 543 से बढक़र 816 हो जाएंगी। 816 सदस्यों वाली लोकसभा में 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। गौरतलब है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम जो संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ था, उसमें यह प्रावधान था कि यह नई जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा।

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