बिच्छू राउंडअप/तीन अप्रैल को नौसेना के बेड़े में शामिल होगा स्वदेशी ‘तारागिरी’

स्वदेशी ‘तारागिरी’

तीन अप्रैल को नौसेना के बेड़े में शामिल होगा स्वदेशी ‘तारागिरी’
भारतीय नौसेना अपनी समुद्री संप्रभुता को और मजबूत करने के लिए तैयार है। स्वदेशी तकनीक से निर्मित अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी को तीन अप्रैल को विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। इस भव्य समारोह की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। यह युद्धपोत भारत की आत्मनिर्भर नौसैनिक शक्ति बनने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। अत्याधुनिक हथियारों व स्टील्थ तकनीक से लैस 6,670 टन वजनी तारागिरी प्रोजेक्ट 17ए (नीलगिरी क्लास) का चौथा युद्धपोत है। इसे एमडीएल द्वारा निर्मित किया गया है। यह जहाज केवल एक युद्धपोत नहीं है, बल्कि मेक इन इंडिया की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रतीक है। अपनी स्टील्थ डिजाइन के कारण यह रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आता, जिससे यह समुद्र का एक साइलेंट हंटर बन जाता है। इस युद्धपोत में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो 200 से अधिक भारतीय एमएसएमई के सहयोग से तैयार हुआ है।

नवाचार: अब एआई लेगा काउंसलर और वेलनेस शिक्षक की परीक्षा
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शिक्षा को आधुनिक बनाने और छात्रों के कल्याण के लिए एक नए पहल की शुरुआत की है. बोर्ड ने स्कूल काउंसलरों और वेलनेस शिक्षकों के लिए एआई की मदद से ऑनलाइन मूल्यांकन शुरू किया है, जिसे घर बैठे भी दिया जा सकता है। यह पहल काउंसलरों की क्षमता बढ़ाने और उनके काम की गुणवत्ता सुधारने के लिए की गई है। इसका उद्देश्य स्कूलों में बच्चों के लिए बेहतर काउंसलिंग सिस्टम तैयार करना है। यह परीक्षा सीबीएसई के क्षमता विकास कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके जरिए ये जांचा जाएगा कि काउंसलर बच्चों की मानसिक और भावनात्मक परेशानियों को समझने और उन्हें संभालने में कितने सक्षम हैं। इस प्रक्रिया के तहत कुल 10,000 काउंसलर शामिल होंगे और इसे अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जाएगा। इस एग्जाम के लिए पहला बैच फरवरी 2026 से शुरू हो चुका है।  इस परीक्षा की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल किताबी नॉलेज नहीं, बल्कि काउंसलर के व्यवहार, स्किल और स्कूल के माहौल में उनके काम करने के तरीके को भी परखा जाएगा।

हिमाचल में सीएम-मंत्री, विधायक और अफसरों का कटेगा वेतन, मानदेय बढ़ाया
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को 4 घंटे 16 मिनट बजट भाषण पढ़ा। सीएम ने 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ का बजट पेश किया। जो कि बीते वित्त वर्ष की तुलना में 3586 करोड़ कम है। सीएम ने कहा कि केंद्र द्वारा आरडीजी बंद करने से राज्य को हर साल औसत 8105 करोड़ का नुकसान हुआ है। इस वजह से बजट का आकार घटा है। सीएम ने कहा कि आरडीजी बंद होने और तमाम चुनौतियों के बावजूद प्रदेश का विकास रुकने नहीं दिया जाएगा। सीएम सुक्खू ने सरकार की माली हालात को देखते हुए अगले छह महीने तक मुख्यमंत्री का मासिक वेतन 50 प्रतिशत, डिप्टी सीएम-मंत्रियों का 30 प्रतिशत और विधायकों का 20 प्रतिशत अगले छह महीने कटौती करने की घोषणा की। सीएम ने कहा-चीफ सेक्रेटरी, एसीएस, सेक्रेटरी, डीजीपी, एडीजी, एसपी रैंक के अफसरों के अलावा न्यायिक अधिकारियों और क्लास-वन श्रेणी के अफसरों की सैलरी में भी कटौती की जाएगी। क्लास-वन और क्लास-टू श्रेणी कर्मचारियों की तीन प्रतिशत सैलरी कटेगी। जब आर्थिक स्थिति ठीक होगी तब यह राशि लौटा दी जाएगी।

चौंकाने वाला खुलासा: आतंकी घटनाओं में 42 फीसदी नाबालिग शामिल
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स की हालिया रिपोर्ट के आतंकवाद से होने वाली मौतों पर दिए आकंड़े थोड़ा राहत भले पहुंचा रहे हों पर साथ ही साथ एक और खतरे की ओर संकेत किया है। रिपोर्ट में यह बताया गया है कि युवाओं में तेजी से कट्टरपंथ फैल रहा है। इसे बढ़ाने में ऑनलॉइन नेटवर्क और सोशल मीडिया का बड़ा हाथ है। रिपोर्ट में पता चला है कि 2025 में यूरोप और उत्तर अमेरिका में आतंकवाद से जुड़े कुल मामलों में 42 फीसदी मामले बच्चों और किशोरों से जुड़े थे, जो 2021 की तुलना में तीन गुना ज्यादा है। पहले कट्टरपंथी बनने की प्रक्रिया एक साल या उससे भी अधिक समय लेती थी, लेकिन बदलते वक्त के साथ अब यह प्रक्रिया कुछ ही हफ्तों में हो सकती है। डिजिटल माहौल ने कट्टरपंथ की गति और तरीके दोनों को बदल दिया है।

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