बिच्छू डॉट कॉम:टोटल रिकॉल/मास्टर प्लान के बिना धीमी हुई विकास और निवेश की रफ्तार

मास्टर प्लान के बिना धीमी हुई विकास और निवेश की रफ्तार
प्रदेश के तीन बड़े शहरों इंदौर, भोपाल और जबलपुर में आबादी लगातार बढ़ने के बावजूद नए मास्टर प्लान लागू नहीं हो पाने से विकास की रफ्तार धीमी हो रही है और रहवासियों को परेशानियां बढ़ रही हैं। नए मास्टर प्लान के अभाव में धारा 16 के अंतर्गत दिए जा रहे लेआउट अप्रूवल पर रोक लगने से रियल एस्टेट का काम प्रभावित हो रहा है। सरकार को नए मास्टर प्लान लागू होने तक यह सुविधा जारी रखना चाहिए। क्रेडाई ने भोपाल में हुई बैठक में यह मांगें उठाईं। जबलपुर से आए क्रेडाई के प्रदेश अध्यक्ष धीरेश खरे ने कहा कि प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर राज्य की आर्थिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए नीतियों में स्थिरता, पारदर्शिता और एकरूपता लाई जाए, ताकि निवेश का वातावरण मजबूत हो और विकास की गति बनी रहे। प्रदेश सचिव भरत जैन, भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक, ग्वालियर के अध्यक्ष सुदर्शन झंवर ने डेवलपर्स, निवेशक और आम लोगों के हितों का संतुलन पर विचार रखे।
सीएम मोहन यादव की सुरक्षा में चूक, अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज
मुख्यमंत्री के विजयराघवगढ़ विधानसभा के बरही दौरे के दौरान हुई सुरक्षा चूक अब आधिकारिक तौर पर सामने आ गई है। पुलिस ने हेलीपैड के समीप प्रतिबंधित क्षेत्र में पटाखे फोड़ने की घटना को गंभीर मानते हुए एफआईआर दर्ज की है। मामला 14 मार्च की कटनी के किसान सम्मेलन से जुड़ा है। सीएम के आगमन के दौरान हेलीकॉप्टर की लैंडिंग से ठीक पहले हेलीपैड के पास अज्ञात व्यक्ति ने आतिशबाजी की। एसपी ने मामले में एसडीओपी बरही को जांच के निर्देश दिए हैं।
आबकारी अपर आयुक्त ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र से पाई नौकरी
1990-19 में अविभाजित मप्र में बिलासपुर तहसील की सील से बने फर्जी जाति प्रमाण पत्र आरोप में घिरे मप्र में पदस्थ आबकारी विभाग के अपर आयुक्त राजेश हेनरी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आरोप है, हेनरी ने अनुसूचित जनजाति वाला फर्जी प्रमाण-पत्र बनवा खुद को आदिवासी बुता नौकरी प्राप्त की। वे 35 साल से विभिन्न पदों पर तैनात रहे हैं। मामले में अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने संज्ञान लिया है। बिलासपुर कलेक्टर, अजाक विभाग के प्रधान सचिव और मप्र शासन से 15 दिनों में जवाब मांगा है। बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि नोटिस मिली है। जांच के बाद आयोग को जवाब देंगे। इंदौर के आरटीआई कार्यकर्ता अधिवक्ता राजेंद्र गुप्ता की शिकायत के बाद मामला सामने आया था। आरोप है, 1990-91 में बिलासपुर तहसील की सील और हस्ताक्षर वाला एसटी प्रमाण-पत्र बनवाया गया। इस आधार पर हेनरी ने खुद को आदिवासी बता आबकारी विभाग में नौकरी प्राप्त की। हालांकि, आरटीआई के जरिए जब बिलासपुर तहसील के रिकॉर्ड खंगाले गए, तो उस अवधि में उनके नाम से कोई दस्तावेज नहीं मिले। प्रमाण-पत्र की वैधता पर सवाल उठे हैं।
मंत्री राजपूत बोले- केंद्र से खरीदी कोटा कम, बारदाने भी नहीं मिल रहे
गेहूं खरीदी को लेकर मंगलवार को कैबिनेट बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार बैठक में नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने केंद्र से गेहूं खरीदी का कम कोटा मिलने की बात रखी। मंत्री राजपूत ने कहा कि महज 78 लाख मीट्रिक टन खरीदी का ही कोटा मिला। जबकि अब तक 19 लाख किसानों ने पंजीयन कराए हैं। पंजीयन कराते समय किसानों ने संभावित मात्रा 168 लाख मीट्रिक टन तक है। बताई है। सूत्रों के मुताबिक मंत्री ने यह भी कहा कि गेहूं का रिकॉर्ड 365 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान यदि अनुमान के तहत यह गेहूं केंद्रों पर आता है तो खरीदी व्यवस्था गड़बड़ा जाएगी, इसलिए कोटा बढ़ाने के लिए प्रयास किए, लेकिन महज 1 लाख मीट्रिक टन ही कोटा बढ़ा। अब बारदाने भी नहीं मिल रहे, इसलिए दिक्कत होना तय है।

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