मप्र में नए कामों की अनुशंसा कर सकेंगे विधायक

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
पुल, पुलिया, आंगनवाड़ी, पंचायत, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल भवन या फिर अन्य अधोसंरचना से जुड़े छोटे-मोटे कामों के अलावा अब विधायक वर्तमान दौर की जरूरतों के अनुसार नए कामों की अनुशंसा कर सकेंगे। दरअसल, इसके लिए विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की गाइडलाइन में 13 साल बाद संशोधन किया जा रहा है। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग ने विधायकों से सुझाव मांगे हैं। उनके आधार पर गाइडलाइन में बदलाव कर 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी है।
गौरतलब है कि विधायक पिछले कुछ सालों से विधायक निधि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। राज्य के बजट में विधायकों की निधि भले न बढ़ी हो, लेकिन अब वे वर्तमान दौर की जरूरतों के अनुसार कुछ नए कामों की अनुशंसा जरूर कर सकेंगे। जैसे वर्तमान दौर के अनुसार वे क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने विधायक निधि से अनुशंसा कर सकेंगे। श्मशान की बाउंड्री वॉल बनवाने सहित अन्य काम भी करा सकेंगे। आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी विकास मिश्रा का कहना है कि  विधायकों के सुझावों  अनुसार कुछ नए काम जोड़े जाएंगे। नई गाइडलाइन 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी है। गौरतलब है कि कई बार विधायक निधि लैप्स हो जाती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में विधायक निधि के 577.50 करोड़ में से 548.7 करोड़ खर्च हुए। शेष राशि लैप्स हो गई। कई विधायक वित्तीय वर्ष के आखिर में बड़ी संख्या में अनुशंसाएं करते हैं। इससे भी काम अटक जाते हैं। 2025-26 में दिसंबर तक 238 करोड़ ही खर्च हो सके।
1 अप्रैल से लागू होगी गाइडलाइन
जानकारी के अनुसार, विधायकों की लगातार मांग के बाद विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना की गाइडलाइन में 13 साल बाद संशोधन किया जा रहा है। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग ने विधायकों से सुझाव मांगे हैं। उनके आधार पर गाइडलाइन में बदलाव कर 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी है। उक्त योजना की शुरुआत वर्ष 1994 में हुई थी। तब 20 लाख रुपए प्रति वर्ष दिए जाते थे। गाइडलाइन में आखिरी बार 2013 में बदलाव हुआ था। अभी प्रति विधानसभा क्षेत्र हर वित्तीय वर्ष में विधायकों को 2.5 करोड़ के पूंजीगत स्वरूप के निर्माण कार्यों की अनुशंसा करने के अधिकार हैं। इसके अलावा प्रतिवर्ष 75 लाख की स्वेच्छानुदान निधि मिलती है, लेकिन पुरानी गाइडलाइन के अनुसार वे कई कार्यों के लिए अनुशंसा नहीं कर पाते। इसकी शिकायतें विधायकों में सीएम को की थीं। इसके बाद गाइडलाइन में बदलाव करने का फैसला लिया गया। अभी विधायक शैक्षणिक भवनों की बाउंड्री वॉल तो बनवा सकते हैं, लेकिन श्मशान घाट की बाउंड्री नहीं। इसकी मांग की गई है। सार्वजनिक वाचनालय बनवा सकते हैं। अब ई-लाइब्रेरी भी बनवा सकें। प्याऊ बनवा सकते हैं, पर आरओ-वाटर कूलर नहीं लगवा सकते। सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगवा सकते। अस्पतालों के लिए एंबुलेंस की सुविधा दे सकते हैं। योजना विभाग के अधिकारियों के अनुसार विधायक निधि से अभी अपने क्षेत्र से बाहर भी 10 लाख तक के कामों की अनुशंसा की जा सकती है। नई गाइडलाइन में सीमा बढ़ सकती है। ज्ञात रहे कि गोविंदपुरा (भोपाल) से विधायक रहे बाबूलाल गौर ने यूपी में अपनी जन्मस्थली में कुछ काम कराए थे। वर्तमान में मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह द्वारा प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और राजस्थान से विधायक हरीश चौधरी के विधानसभा क्षेत्र में स्कूल कक्षों के निर्माण के लिए अनुशंसा की गई है।

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