चतुर्थ क्रमोन्नत समयमान वेतनमान का 2 लाख शिक्षकों को इंतजार

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भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। चतुर्थ क्रमोन्नत समयमान वेतनमान का इंतजार कर रहे मप्र के करीब 2 लाख शिक्षकों की स्थिति आसमान से गिरे खजूर में अटके जैसी हो गई है। दरअसल, मौजूदा साल की शुरुआत में कैबिनेट ने चतुर्थ क्रमोन्नत समयमान वेतनमान मुद्दे पर अपनी हरी झंडी दे दी थी। कैबिनेट में प्रस्ताव पारित होने के बाद सामान्य प्रशासन ने अपना अनुमोदन कर दिया। लेकिन अब वित्त विभाग में यह फाइल उलझी हुई है। अब शिक्षकों को इंतजार है कि वित्त विभाग में उलझी फाइल कब सुलझेगी और उन्हें बड़ी सौगात मिलेगी।
गौरतलब है कि प्रदेश में पदोन्नतियों पर प्रतिबंध लगने के कारण तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हर विभाग में 35 साल की सेवा पूर्ण करने वाले कर्मचारियों को चतुर्थ समयमान देने की घोषणा की थी। स्कूल शिक्षा विभाग में भी प्रक्रिया शुरू हुई। सीधी भर्ती के पदों पर तो यह लाभ दे दिया गया, लेकिन पदोन्नति पर पहुंचने वाले शिक्षक इससे वंचित रह गए थे। ऐसे करीब दो लाख शिक्षक हैं, जो इस लाभ की पात्रता रखते हैं। शिक्षकों के संघों ने इस मामले में लगातार प्रयास किया।  इसके बाद पिछले साल सितंबर माह में शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने राज्यपाल की मौजूदगी में घोषणा की थी कि शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत समयमान वेतनमान दिया जाएगा। इस घोषणा के 3 महीने उपरांत मामला कैबिनेट में पहुंचा। मौजूदा साल की शुरुआत में सरकार की मंत्री परिषद ने इस मुद्दे पर अपनी हरी झंडी दी थी। कैबिनेट में प्रस्ताव पारित होने के बाद सामान्य प्रशासन ने अपना अनुमोदन कर दिया। अब वित्त विभाग में यह फाइल उलझी हुई है। अब इस मामले में स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि आगे की क्या प्रक्रिया है, यह स्थिति सामान्य प्रशासन विभाग ही बता सकता है। इस मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव प्रमोद सिंह का कहना है कि शिक्षकों को मिलने वाले चतुर्थ क्रमोन्नत समयमान में क्या स्थिति है। इस मामले में वह अभी कुछ नहीं बता सकते हैं, क्योंकि यह आदेश जारी करने का विशेषाधिकार तो सामान्य प्रशासन विभाग का है। वहीं मप्र शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौर का कहना है कि जब कैबिनेट में प्रस्ताव पारित हो गया। हर पहलुओं का परीक्षण कर लिया गया तो आदेश जारी होना चाहिए। सामान्य प्रशासन से फाइल अनुमोदित होकर वित्त विभाग पहुंची है, लेकिन यहां अनुशंसा नहीं हो पाई है।
एक शिक्षक को मिलेगा तीन से 5000 का मासिक लाभ
शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान देने के लिए राज्य सरकार ने 322 करोड़ का प्रावधान किया है। कारण भी है कि शिक्षकों की संख्या डेढ़ लाख से ऊपर है जिन्हें चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जाना है। जानकारी है कि इस मामले की फाइल जीएडी से अनुमोदित होकर वित्त विभाग पहुंच चुकी है। यहीं पर मामला उलझा हुआ है। इस सुविधा में एक शिक्षक को तीन से लेकर 5000 का मासिक लाभ मिलना है। इस मामले में मध्य प्रदेश शिक्षक संघ पत्राचार भी कर चुका है, लेकिन अभी तक अधिकारी इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे कि आदेश जारी किए जाएं।

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