
7 सदस्यों वाले घर में 37 वोटर, साक्ष्यों के साथ चुनाव आयोग पहुंचे दिग्विजय
मप्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अब फर्जी मतदाताओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को प्रदेश निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर भोपाल की नरेला विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के दस्तावेज और शपथ पत्र सौंपे। दिग्विजय सिंह का दावा है कि नरेला में एक-एक घर के पते पर 30 से 40 फर्जी मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए हैं। दिग्विजय ने करोंद की रतन कॉलोनी के तीन मकान मालिकों के शपथ पत्र पेश किए। इनमें मकान नंबर 21 के मालिक हमीर सिंह यादव के घर में 4 सदस्य मतदाता हैं, लेकिन सूची में 40 नाम दर्ज हैं। ऐसे ही मकान नंबर 10 में मालिक कमलेश गुप्ता के घर में 8 मतदाता रहते हैं, जबकि रिकॉर्ड में 36 नाम दिख रहे हैं। मकान नंबर 2 में मालिक पोखन लाल साहू के यहां 7 मतदाता हैं, लेकिन सूची में 37 नाम बताए। दिग्विजय सिंह ने शिकायत में आरोप लगाया कि बीएलओ ने बिना भौतिक सत्यापन के फर्जी नाम जोड़े और वास्तविक मतदाताओं के नाम काट दिए।
विभाग का दावा… अध्यक्षों के लिए अलग से नोटिफिकेशन जरूरी नहीं
बीते 4 साल में नगर पालिका-नगर परिषद अध्यक्षों के निर्वाचन के नोटिफिकेशन नहीं होने के मामले कोर्ट जाते रहे हैं। अब पानसेमल व श्योपुर नगर परिषद के अध्यक्षों के वित्तीय अधिकार हाई कोर्ट द्वारा शून्य किए जाने से मामला फिर सुर्खियों में है। पानसेमल में मामला अध्यक्ष के कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा है, तो श्योपुर में अध्यक्ष के निर्वाचन के विवाद के साथ नोटिफिकेशन का मामला भी जुड़ा है। कोर्ट ने अध्यक्षों के अधिकार एसडीएम या सीएमओ को सौंपने के निर्देश दिए हैं। 2022 में हुए निकाय चुनावों के बाद से लगातार अध्यक्षों के निर्वाचन नोटिफिकेशन नहीं होने के आरोपों पर लगातार शिकायतें होती रही हैं। साल 2023 में कुक्षी नगर परिषद में अध्यक्ष के निर्वाचन का नोटिफिकेशन नहीं होने का मामला इंदौर हाई कोर्ट गया था।
आदिवासी विधायक नहीं चाहती भाजपा: पटवारी
विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव हाईकोर्ट द्वारा शून्य करने के मामले को कांग्रेस ने इसे आदिवासियों का हक छीनने का मामला बताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा को यह कभी स्वीकार नहीं होगा कि एक आदिवासी व्यक्ति सामान्य सीट से विधायक कैसे बन गया। हम सुप्रीम कोर्ट में अपील कर कानूनी तरीके से फिर से कांग्रेस का विधायक बनवाएंगे। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघारी ने कहा कि देश में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां गंभीर आरोपों के बावजूद सत्ता पक्ष के नेताओं को राहत मिल जाती है। लेकिन हमें कोर्ट से उम्मीद है। मामले में राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने कहा कि विजयपुर विधानसभा के चुनाव याचिका में कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को सर्वोच्च न्यायालय में अपील प्रस्तुत करके स्थगन आदेश प्राप्त करने का मौका प्रदान किया है। हम इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।
भाजपा व रावत के साथ न्याय किया: खंडेलवाल
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि हाई कोर्ट ने भाजपा और रामनिवास रावत के साथ न्याय किया है। भाजपा इस फैसले का स्वागत करती है। हम हमेशा से न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और आगे भी कोर्ट जो आदेश देगा हम उसका पालन करेंगे। रामनिवास रावत ने कहा कि हाई कोर्ट का फैसला राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों के लिए संदेश है कि चुनाव आयोग और कोर्ट के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। भविष्य में सभी प्रत्याशियों को चुनाव आयोग द्वारा मांगी गई जानकारी पूरी और सही तरीके से उपलब्ध करानी होगी। उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी ने अपने नामांकन फॉर्म और शपथ पत्र में आवश्यक जानकारी छिपाई थी। चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करता है कि जनता को यह पता होना चाहिए कि वह किसे चुन रही है। अपराधों की जानकारी छिपाना जनता को भ्रमित करना है।
