बिच्छू डॉट कॉम:टोटल रिकॉल/चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन पद के लिए समीता और अन्निगेरी के बीच रस्साकसी

चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन पद के लिए समीता और अन्निगेरी के बीच रस्साकसी
पीसीसीएफ शुभरंजन सेन के वनबल प्रमुख बनने के बाद खाली हुए चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन पद को लेकर वन विभाग में रस्साकसी जारी है। पांच दिन बाद भी तय नहीं ही पाया है कि प्रदेश का अगला चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन कौन होगा। वनबल प्रमुख के बाद यह पद सबसे अहम माना जाता है, जिसके अधीन राज्य के 9 टाइगर रिजर्व, 13 नेशनल पार्क और 26 वाइल्ड लाइफ सेंचुरी आती हैं। इस पद के लिए 1992 बैच की आईएफएस समीता राजौरा प्रमुख दावेदार मानी जा रही हैं। उनके बाद 1995 बैच के आईएफएस बीएस अन्निगेरी का नाम सामने है। समीता राजौरा वर्तमान में लघु वनोपज संघ की प्रबंध संचालक और ईको टूरिज्म बोर्ड की सीईओ हैं, जबकि अन्निगेरी मानव संसाधन विकास शाखा संभाल रहे हैं। पीसीसीएफ (आरएंडडी) बिभाष ठाकुर की जल्द ही वन मुख्यालय के बिभाष ठाकुर मौजूदा वनबल प्रमुख शुभरंजन सेन से एक बैच सीनियर हैं। अब वे वन मुख्यालय में उनके अधीन रहकर काम नहीं करेंगे। बिभाष को जबलपुर स्थित राज्य वन अनुसंधान संस्थान का डायरेक्टर बनाया जा सकता है। मौजूदा डायरेक्टर प्रदीप वासुदेवा की वन मुख्यालय में वापसी हो सकती है। वासुदेवा का अगले साल 2027 में रिटायरमेंट भी हैं।
देश के पहले बैच के आईपीएस जोशी का 100वां जन्मदिन मनाया
मप्र कैडर के रिटायर्ड डीजीपी हरिवल्लभ मोहनलाल जोशी (एचएम जोशी) के 100 जन्मदिवस पर पुलिस ऑफिसर्स मेस में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में जोशी के जीवन और उपलब्धियों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। इसमें उनके प्रशासनिक नेतृत्व और दस्यु उन्मूलन अभियान के महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाया गया। डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि जोशी का सेवाकाल प्रेरणादायी अध्याय है। उनके नेतृत्व में कई कुख्यात डकैतों का अंत हुआ। कई ने सरेंडर किया।
सोम डिस्टलरी के लाइसेंस निलंबन मामले में नोटिस
सोम डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड के लाइसेंस निलंबन से जुड़े मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जस्टिस बिवेकै अग्रवाल की सिंगल बेंच में शुरू हो गई है। गुरुवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने आबकारी विभाग सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए। मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च को निर्धारित की गई है। यह प्रकरण इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि इससे पहले जस्टिस विशाल मिश्रा और जस्टिस संदीप एन. भट्ट ने सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था। नए रोस्टर के तहत मामला जस्टिस अग्रवाल की बेंच के समक्ष सूचीबद्ध हुआ। मामला 2023 में नकली परमिट के जरिए अवैध शराब परिवहन के खुलासे से जुड़ा है। 4 फरवरी को डिस्टलरी का लाइसेंस निलंबित करने का आदेश हुआ था। देपालपुर के अपर सत्र न्यायालय ने डिस्टलरी और उसके प्रतिनिधियों को दोषी ठहराते हुए कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
नदियों के उद्गम स्थलों व किनारों से सख्ती के साथ हटाए जाएंगे अतिक्रमण
मप्र के सभी तालाबों की जमीनों से, नदियों के उद्गम स्थली नदी के किनारों के अतिक्रमण को सख्ती से हटाया जाए। यह काम जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान किया जाएगा। सीएम ने अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस बार जलाशयों जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराएं। यह अभियान गुड़ी पड़वा से प्रारंभ होकर 30 जून तक चलेगा। अभियान को लेकर सीएम ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद इन स्थलों को व्यवस्थित रूप से विकसित कर सघन पौधरोपण कराया जाए। सभी प्रभारी मंत्री अपने अपने प्रभार के जिलों में अभियान का नेतृत्व करेंगे। सांसद, विधायक, पंचायत व नगरीय निकाय प्रतिनिधियों को भी इस अभियान में सक्रियता से जोड़ें। इस दौरान नर्मदा परिक्रमा पथ, गंगोत्री हरित परियोजना और एक बगिया मां के नाम जैसे कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। बेतवा, क्षिप्रा और गंभीर नदियों को पुनर्जीवित करने के एक्शन प्लान पर काम होगा।

Related Articles