जल संसाधन विभाग ने नहीं भरे 48 करोड़ के बिजली बिल

बिजली बिल

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
प्रदेश के सरकारी विभाग ही बिजली कंपनियों के बिलों का समय पर भुगतान नहीं कर रहे हैं। ताजा मामला जल संसाधन विभाग का है। इस विभाग ने बिजली कंपनियों के 47.99 करोड़ के बिल नहीं भरे हैं। यह राशि दिसंबर 2025 तक की है। कई रिमाइंडर देने के बाद भी जब जल संसाधन विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो आखिरकार प्रदेश के ऊर्जा विभाग के एसीएस नीरज मंडलोई ने जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा को सीधे पत्र लिखकर इन बिलों को जमा कराने को कहा है।
इस पत्र के बाद राजौरा ने सीधे विभाग के इंजीनियर इन चीफ को निर्देश दिए हैं कि इन पेंडिंग बिजली बिलों का जल्द से जल्द भुगतान किया जाए। विभाग के मुखिया का पत्र मिलते ही जल संसाधन विभाग के इंजीनियर इन चीफ (ईएनसी) विनोद कुमार देवड़ा ने विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण यंत्रियों, कार्यपालन यंत्रियों, परियोजना संचालकों और प्रशासकीय अफसरों को खत लिखकर इन बिलों का अविलंब भुगतान करने को कहा है।
आगे से देरी न करने की समझाइश: जल संसाधन विभाग के ईएनसी ने सभी अधीनस्थ अफसरों को लिखे पत्र में साफ कर दिया है कि वे आगे से बिजली बिलों का समय पर भुगतान करें। इसके साथ ही उन्होंने सभी अफसरों से कहा है कि वे अपने जिलों में लंबित बिलों के साथ उसके कारण की लिखित जानकारी भी तत्काल जल संसाधन विभाग के मुख्यालय को दें। इस मामले में जल संसाधन विभाग के वित्तीय सलाहकार डॉ. अरुण पालीवाल ने भी विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा है। एसीएस ने अपने पत्र में जल संसाधन विभाग को लिखा है कि बिलों का समय पर पेमेंट न होने के कारण बिजली कंपनियों के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के काम प्रभावित हो रहे हैं और कैश फ्लो न होने से पावर परचेज की देनदारी पर भी असर हो रहा है।

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