बिच्छू राउंडअप/साल का पहला चंद्र ग्रहण आज, सूतक काल के नियम और ग्रहण का समय

साल का पहला चंद्र ग्रहण आज, सूतक काल के नियम और ग्रहण का समय
3 मार्च को साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह भारत में पूर्ण रूप से नजर आएगा, इसलिए इससे जुड़े सभी नियम व सूतक काल प्रभावी होगा। ज्योतिषियों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहने वाला है। यह चंद्र ग्रहण सूर्य की राशि सिंह में लग रहा है।  आज चंद्र ग्रहण के समय चांद सफेद नहीं गहरे लाल और नीले रंग का दिखाई देगा। इस वजह से आसमान में ब्लड मून का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। यह दुर्लभ पूर्ण चंद्र ग्रहण देश और दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देने वाला है। ऐसा माना जा रहा है कि, चंद्र ग्रहण सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश देखा जाएगा। यहां के तेजू नगर में चंद्रोदय शाम 5 बजकर 3 मिनट पर है। ऐसे में पहले आज चंद्र ग्रहण यहां देखा जा सकेगा। साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत में पूर्ण रूप से नजर आने वाला है।  चंद्रग्रहण पर आसमान में चांद लाल रंग का नजर आने वाला है। यह दिल्ली-एनसीआर, उत्तर-प्रदेश, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई और हैदराबाद में स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है। इसके अलावा गुवाहाटी व ईटानगर में भी यह प्रभावी रहने वाला है। ज्योतिषियों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण भारत सहित पूरे एशिया, ऑस्ट्रेलिया, पैसिफिक द्वीपों और उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका में भी नजर आने वाला है।
खामेनेई की हत्या पर सरकार की चुप्पी तटस्थता नहीं, जिम्मेदारी से पीछे हटना: सोनिया गांधी
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की लक्षित हत्या पर मोदी सरकार की चुप्पी को लेकर तीखी आलोचना की है। सोनिया गांधी ने कहा कि यह मौन तटस्थता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से पीछे हटना है। उन्होंने कहा कि इससे भारत की विदेश नीति की दिशा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। एक अखबार में लिखे अपने लेख में सोनिया गांधी ने कहा कि एक मार्च को ईरान ने पुष्टि की कि उसके सर्वोच्च नेता की हत्या एक दिन पहले अमेरिका और इस्राइल द्वारा किए गए लक्षित हमलों में हुई। उन्होंने इसे चल रही वार्ताओं के बीच किसी सत्तारूढ़ राष्ट्राध्यक्ष की हत्या बताते हुए अंतरराष्ट्रीय संबंधों में गंभीर विघटन करार दिया। सोनिया गांधी ने कहा कि भारत सरकार ने न तो इस हत्या की निंदा की और न ही ईरान की संप्रभुता के उल्लंघन पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरुआत में अमेरिका-इजरायल के हमलों का जिक्र किए बिना केवल ईरान की यूएई पर जवाबी कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आगे कहा कि पीएम ने बाद में गहरी चिंता और संवाद-कूटनीति की सामान्य बात कही, जबकि हमलों से पहले यही प्रक्रिया जारी थी।
ट्रंप को दोहरा झटका: संघीय अदालत का फैसला, रिफंड रोकने की मांग ठुकराई
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति जहां एक ओर दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में अब ट्रंप को उनकी टैरिफ को लेकर दोहरा झटका लगा है, जहां एक ओर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी टैरिफ को अवैध बताते हुए पूरी तरह से रद्द करने का फैसला सुनाया था। वहीं दूसरी ओर अब अमेरिका की संघीय अदालत ने भी ट्रंप प्रशासन की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें प्रशासन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पिछले महीने अवैध घोषित किए गए टैरिफ का रिफंड देने की प्रक्रिया को धीमा करना चाहता था। संघीय सर्किट की अपीलीय अदालत ने अब रिफंड प्रक्रिया को अगले चरण में भेजते हुए इसे निचली अदालत को सौंप दिया है, जो तय करेगी कि रिफंड कैसे दिया जाएगा। बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को अदालत से 90 दिन के लिए प्रक्रिया रोकने का अनुरोध किया था, लेकिन जजों ने इसे पूरी तरह से मना कर दिया। बता दें कि इससे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को फैसला सुनाते हुए कहा था कि ट्रंप प्रशासन की तरफ से अधिकांश देशों पर लगाए गए व्यापक टैरिफ अवैध थे।
बदरी-केदार धाम में विशेष पूजा शुल्क बढ़ाने की तैयारी, रखा जाएगा प्रस्ताव
आगामी चारधाम यात्रा में बद्रीनाथ व केदारनाथ धाम में विशेष पूजा करने के लिए शुल्क में बढ़ोतरी करने की तैयारी है। बदरी-केदार मंदिर समिति की बोर्ड बैठक में शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। दोनों धामों में सामान्य दर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। लेकिन विशेष पूजा के लिए बीकेटीसी ने शुल्क तय किया है। केदारनाथ धाम में रुद्राभिषेक पूजा के लिए पांच श्रद्धालुओं से 7200 रुपये शुल्क लिया जाता है। जबकि अभिषेक पूजा के लिए 9500 रुपये, लघु रुद्राभिषेक पूजा के लिए 6100 रुपये, षोडशोपचार पूजा के लिए 5500 रुपये, अष्टोपचार पूजा के लिए पांच श्रद्धालुओं से 950 रुपये, पूरे दिन की पूजा के लिए 28600 रुपये शुल्क निर्धारित है। इसी तरह बदरीनाथ धाम में महाभिषेक पूजा के लिए प्रति यात्री 4700 रुपये, अभिषेक पूजा के लिए 4500 रुपये, पूरे दिन की पूजा के लिए 12 हजार रुपये, श्रीमद भागवत पाठ के लिए 51 हजार रुपये शुल्क लिया जाता है।

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