- न बजट, न कैग रिपोर्ट पर हुई चर्चा
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र विधानसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। 6 मार्च चलने वाले सत्र को 6 दिन पहले ही स्थगित कर दिया। इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर तकरार देखने को मिली। कांग्रेस ने कहा कि 22 विभागों की बजट पर चर्चा नहीं हुई और स्थगन कर दिया गया। विपक्ष ने निरर्थक चर्चा करने के आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों पर बात नहीं की गई। बेरोजगारों और रोजगार को लेकर चर्चा नहीं हुई। कई सवालों के जवाब गलत दिए। सरकार मुद्दों से भागी। बजट पर पूरी चर्चा नहीं हुई। घोटालों और आर्थिक गड़बडिय़ों पर चर्चा नहीं की। कैग की रिपोर्ट पर चर्चा नहीं की गई और करीब 20 से अधिक मंत्रियों ने अपने विभाग का खाका सदन में नहीं रखा।
विधानसभा में यह पहली बार हुआ कि सत्र के समापन पर सदन के नेता मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष दोनों मौजूद नहीं रहे, वह भी बजट जैसा महत्वपूर्ण सत्र। विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव रहे भगवानदेन ईसरानी का कहना है कि सत्र के समापन के दौरान परंपरा रही है कि सदन के नेता और नेता प्रतिपक्ष मौजूद रहे हैं। ऐसी स्थिति भी बनी जब शोरशराबा हुआ और मुख्यमंत्री सदन में नहीं थे, लेकिन विधानसभा में मौजूद थे, उन्हें सत्र के समापन पर बुलवा लिया गया। बजट सत्र में (विनियोग विधेयक) 2026-27 का 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट बगैर विपक्ष के विधायकों के सुझाव लिए पारित कर दिया गया। इससे पहले यह परंपरा रही है कि विनियोग विधेयक यानी बजट पर सत्र के समापन के पहले ही चर्चा करा ली जाती है, जिसमें औपचारिक रूप से ही विपक्ष के सदस्यों के सुझाव ले लिए जाते हैं और बजट पारित करवा लिया जाता है।
आनन-फानन में पारित हो गया बजट
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट के साथ कृतज्ञता ज्ञापन पर दोनों पक्षों के अधिकांश सदस्यों से विस्तार के चर्चा की गई। कार्यमंत्रणा समिति की सहमित के अनुसार अभी तक शासन के मुख्य विभाग अनुदान मांग पर सतत रूप से भोजनावकाश स्थगित करने के साथ शाम तक बैठकर विस्तृत चर्चा सदन में हुई है निर्धारित समय सीमा में अनुदान मांगें स्वीकृत होना आवश्यक है और कार्य दिवस कम है। अत: तय स्थिति में वर्ष 2026-27 का बजट सम्मलित अनुदान मांग स्वीकृत होना आवश्यक है और कार्य दिवस कम है। इसलिए वर्ष 2026-27 का बजट सम्मलित अनुदान मांग पर अब मुखबंध (गिलोटिन) होमा। इस संबंध में मतदान के लिए अनुदान मांग वित्त मंत्री प्रस्तुत करेंगे। सत्र के दौरान 3478 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें 1750 तारांकित और 1728 आतारिकत थे। ध्यानाकर्षण की 902 सूचनाएं प्राप्त हुई। एक शासकीय विधेयक व 6 अशासकीय एवं 1 संकल्प पारित किए गए। राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन पर 9 घंटे 5 मिनट तथा बजट पर 1 घंटे 44 मिनट तक चर्चा चली। सदन में 10 बैठकें हुई, जिसमें कुल 62 घंटे तक चर्चा चली।
