उपनगरों व छोटे शहरों तक होगा मेट्रो का विस्तार

  • विकसित मप्र 2047 कार्य योजना के तहत की जा रही प्लानिंग

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र में इंदौर और भोपाल में मेट्रो ट्रेन के संचालन के बाद अब सरकार की योजना है कि इसे दोनों शहरों के आसपास के उपनगरों और छोटे शहरों से जोड़ा जाए। इसके लिए विकसित मप्र 2047 कार्ययोजना के तहत इसकी प्लानिंग की जा रही है। वहीं मेट्रो स्टेशनों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जोड़ा जाएगा। दरअसल, इंदौर और भोपाल मेट्रो जिस उम्मीद के साथ शुरू की गई थीं, उसको उतनी सफलता नहीं मिली है। इसलिए सरकार की कोशिश है कि एक बेहतर प्लानिंग बनाकर दोनों शहरों के आसपास के उपनगरों व छोटे शहरों तक मेट्रो का विस्तार किया गया।
गौरतलब है कि विधानसभा में विकास एवं आवास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मेट्रो परियोजना को लेकर संसदीय कार्य मंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्वीकार किया कि अधिकारियों ने मेट्रो की प्लानिंग जनप्रतिनिधियों से चर्चा किए बिना तैयार कर ली और इसे सीधे शहर पर लागू कर दिया। अब सरकार अलाइनमेंट की समीक्षा कर सुधार की कवायद शुरू करेगी। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में कहा कि, भोपाल के सांसद आलोक शर्मा और विधायक रामेश्वर शर्मा ने उनसे मेट्रो को लेकर बैठक बुलाने का आग्रह किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही भोपाल मेट्रो की समीक्षा बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें सभी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर विस्तृत चर्चा की जाएगी। प्रदेश के दो शहर- इंदौर और भोपाल को मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें इंदौर और भोपाल से जुडऩे वाले शहरों तक मेट्रो रेल का विस्तार किया जाएगा। पहला मेट्रोपॉलिटन एरिया इंदौर, उज्जैन, देवास, धार को मिलाकर बनाया जा रहा है। दूसरा मेट्रोपॉलिटन एरिया भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, ब्यावरा (राजगढ़) को मिलाकर बनाया जा रहा है। इधर, मास्टर प्लान भी बनकर तैयार है। इसे एक बार मुख्यमंत्री डॉ। मोहन यादव के समक्ष रखा जाएगा। संभवत: मेट्रोपॉलिटन एरिया को लेकर मास्टर प्लान में पुनर्विचार कर री-ड्राफ्ट बनाया जा सकता है।
दूसरे शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट पर काम की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि  इंदौर और भोपाल जैसे शहरों के मास्टर प्लान लागू करने के बजाए अब सरकार प्रदेश के दूसरे शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। नई रणनीति के तहत मेट्रो का उपनगरों तक विस्तार किया जाएगा। विकसित मध्य प्रदेश 2047 की कार्ययोजना के तहत यह प्लानिंग की जा रही है। इसमें भोपाल से विदिशा, भोपाल से नर्मदापुरम और भोपाल से रायसेन के बीच मेट्रो चलाई जाएगी। इसी तरह इंदौर से देवास, इंदौर से महू और इंदौर से उज्जैन के बीच भी मेट्रो का चलाई जाएगी। मेट्रो प्रोजेक्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारी, विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय प्रस्तुतीकरण देंगे। इससे पहले मेट्रो के विस्तार के प्रस्तावित शहरों के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी। इंदौर-भोपाल में मेट्रो को पब्लिक ट्रांसपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा। मेट्रो स्टेशनों पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे बसें चलाई जाएगी। ताकि यात्री मेट्रो से उतरकर बस से अपने गंतव्य तक पहुंच सके।
जबलपुर और ग्वालियर की मेट्रो परियोजना होगी तैयार
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि सरकार की पूर्व से ही शहर में मेट्रो चलाने की कोई योजना नहीं थी। शहर को डिसेंट्रलाइज करने के लिए भोपाल से नर्मदापुरम, रायसेन के बीच चलाया जाना था। वहीं इंदौर से देवास, महू, उज्जैन के बीच मेट्रो चलाने का प्लान था, लेकिन बीच में 15 माह की कमलनाथ सरकार ने आकर भूमिपूजन कर काम शुरू कर दिया। अब पूर्व की योजना के तहत इसका विस्तार कर उप नगरों तक मेट्रो चलाई जाएगी। वहीं सिटीज फॉर टुमारो यानी कल के लिए शहर कैसा हो, इस परिकल्पना के तहत ही मेट्रो का विस्तार किया जाएगा।

Related Articles