किसानों को बीज से बाजार तक मिलेगी मदद

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  • सीहोर में दलहन उत्पादन के लिए बना राष्ट्रीय रोडमैप

    भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। सीहोर के अमलाहा में आयोजित दलहन क्षेत्र के राष्ट्रीय सम्मेलन में  दलहन उत्पादन के लिए राष्ट्रीय रोडमैप बनाया गया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता देश के लिए आवश्यक है और विदेशों से दाल आयात करना गर्व नहीं, बल्कि चिंता का विषय है।  बैठक से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और नौ राज्यों के कृषि मंत्रियों ने वैज्ञानिकों के साथ खाट पर बैठकर सखेती-किसानी की बारीकियों पर चर्चा की। इस महाबंधन का सार यह निकला कि अब देश की दलहन नीति दिल्ली के वातानुकूलित कमरों में नहीं, बल्कि खेतों के बीच तय होगी। बैठक में देश को दाल उत्पादन में न केवल आत्मनिर्भर बनाने, बल्कि निर्यातक बनाने के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की गई। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अच्छा उत्पादन होने पर किसान को उचित मूल्य मिले, यह हम सुनिश्चित करेंगे। क्लस्टर स्तर पर दाल मिल लगाने को प्रोत्साहन दिया जाएगा और दाल मिल स्थापित करने पर भारत सरकार 25 लाख तक की सब्सिडी देगी। क्लस्टर में आने वाले किसानों को बीज किट और आदर्श खेती के लिए एक हेक्टेयर पर 10 हजार की सहायता दी जाएगी।
    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 27 देशों के साथ समझौते किए, लेकिन किसानों के हितों से समझौता नहीं होने दिया। अब लक्ष्य है कि देश में दालों का उत्पादन बढ़ाया जाए। उन्होंने फसल विविधीकरण पर जोर देते हुए कहा कि एक ही फसल बोने से जमीन भी थकती है और कीटों का प्रकोप बढ़ता है, इसलिए चना, मसूर, उड़द और तुअर जैसी फसलों को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने मध्य प्रदेश को दलहन उत्पादन में देश में नंबर वन बताते हुए कहा कि क्षेत्रफल में कमी चिंता का विषय है, जिसे बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। सहित अन्य अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से उन्नत बीज विकसित किए जा रहे हैं, जो मौसम और बीमारियों के अनुकूल होंगे। बीज वितरण के लिए क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और आदर्श खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपये की सहायता भी दी जाएगी।
    मध्य प्रदेश में लगेंगी 55 दाल मिल
    मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि दलहन-तिलहन मिशन के अंतर्गत प्रदेश सरकार दो कदम आगे रहकर काम करेगी, जिससे किसानों का भी भला हो सके। इसके साथ ही एमएसपी में तुअर 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल, उड़द 7,800 रुपये, चना 5,875 रुपये और मसूर 7 हजार रुपये पर खरीद की जाएगी। मध्य प्रदेश में 55 दाल मिलें लगाई जाएंगी। दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश को केंद्र से 354 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी।
    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि देशभर में 1000 नई दाल मिलें स्थापित की जाएंगी, जिनमें से 55 मध्य प्रदेश में लगेंगी। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि तुअर 8000 रुपए प्रति क्विंटल, उड़द 7800 रुपए, चना 5875 रुपए और मसूर 7000 रुपए प्रति क्विंटल खरीदी जाएगी। बीज से लेकर बाजार तक किसानों की चिंता सरकार करेगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि असली आनंद खेत, किसान और मिट्टी से जुडकऱ काम करने में है, और सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
    केंद्रीय मंत्री सहित नौ राज्यों के कृषि मंत्रियों ने देखी उन्नत फसलें
    इस सम्मेलन में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने दलहन क्षेत्र की मूल आवश्यकताओं, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर गहन विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित देश के प्रमुख दलहन उत्पादक नौ राज्यों के कृषि मंत्री उपस्थित रहे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने अतिथियों को अमलाहा स्थित क्षेत्र में तैयार चने और मसूर की उन्नत किस्मों की फसल का अवलोकन कराया। वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों ने उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और बेहतर उत्पादन पद्धतियों की जानकारी भी साझा की।

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