बिच्छू डॉट कॉम:टोटल रिकॉल/सीएस कल करेंगे समीक्षा, 10 बिंदुओं पर होगी चर्चा, कलेक्टर और एसपी वीसी के जरिए जुड़ेंगे

समीक्षा

सीएस कल करेंगे समीक्षा 10 बिंदुओं पर होगी चर्चा, कलेक्टर और एसपी वीसी के जरिए जुड़ेंगे
प्रदेश के प्रशासनिक कामकाज की स्थिति को परखने और योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव अनुराग जैन 9 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी 55 जिलों की विस्तृत समीक्षा करेंगे। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं। जीएडी ने विभिन्न विभागों से प्राप्त आंकड़ों और सूचनाओं के आधार पर जिलों एवं संभागों की 10 प्रमुख बिंदुओं पर रैंकिंग तैयार की है। इस रैंकिंग में प्रत्येक बिंदु पर टॉप और बॉटम के दो-दो जिलों को शामिल किया गया है, जबकि संभागीय स्तर पर टॉप और बॉटम से एक-एक संभाग को चयनित किया गया है। इसका उद्देश्य बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों और संभागों को प्रोत्साहित करना और कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में सुधार के लिए सख्त दिशा-निर्देश देना है। जिन 10 प्रमुख बिंदुओं पर जिलों और संभागों की रैंकिंग की गई है, उनमें कृषि एवं उससे जुड़े क्षेत्र, स्वास्थ्य एवं पोषण, रोजगार, ग्रामीण विकास एवं जनजातीय कार्य, कानून व्यवस्था एवं विविध और अतिरिक्त बिंदु शामिल हैं।

सरकारी कार्यालयों में बगैर वैध दस्तावेजों के नहीं चल सकेंगी गाडिय़ां
मप्र शासन के परिवहन विभाग ने सरकारी विभागों, निगमों एवं निकायों द्वारा विभिन्न प्रयोजनों के लिए अनुबंधित किए जाने वाले वाहनों के संबंध में नए निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार अब बगैर वैध दस्तावेजों के किसी भी वाहन को सरकारी कार्यालयों में उपयोग में नहीं लिया जाएगा। विभागों द्वारा सीधे अथवा निजी एजेंसियों के माध्यम से उपयोग में लाए जाने वाले मालवाहक एवं यात्री वाहनों के सभी वैधानिक दस्तावेज अनुबंध से पूर्व और वाहन उपयोग की संपूर्ण अवधि के दौरान वैध होना अनिवार्य होगा। साथ ही विभागों को भुगतान से पहले भी इन दस्तावेजों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि खनिज अथवा अन्य सामग्री के परिवहन के लिए जारी की जाने वाली अनुमति संबंधित वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक नहीं होनी चाहिए।

छात्रावास अधीक्षक से विदिशा कलेक्टर बोले- दो जूते मारूंगा
विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता बुधवार दोपहर उदयपुर स्थित ग्राम उदयपुर स्थित शासकीय आदिवासी जूनियर प्राथमिक बालक आश्रम पहुंचे और निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रावास में बच्चे नहीं मिलने पर कलेक्टर भडक़ गए और उन्होंने छात्रावास अधीक्षक को सरेआम जूते मारने की धमकी दे डाली। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि आश्रम में बच्चे मौजूद नहीं थे। जब उन्होंने इस बारे में छात्रावास अधीक्षक चैन सिंह चिढ़ार से जवाब मांगा तो अधीक्षक ने बताया कि क्षेत्र में चल रही शीतलहर के कारण दो दिन की छुट्टी घोषित की गई थी, इसलिए बच्चे अपने घर चले गए। यह जवाब सुनकर कलेक्टर गुप्ता इतने नाराज हुए कि उन्होंने वहां मौजूद अन्य अधिकारियों के सामने ही अधीक्षक को अपशब्द कहे और कहा कि अभी तुम्हें दो जूते मारूंगा।

हाईकोर्ट का फैसला, नर्सिंग कॉलेज भर्ती में अब पुरुष कर सकेंगे आवेदन
मप्र हाईकोर्ट में प्रदेश के शासकीय नर्सिंग कॉलेजों में असिस्टेंट, एसोसिएट प्रोफेसर व अन्य पदों पर महिलाओं को 100 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने को चुनौती देते हुए याचिका दायर की गयी थी। याचिका पर बुधवार को सुनवाई के दौरान मप्र कर्मचारी चयन मंडल ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के लिए संशोधित विज्ञापन जारी किया गया है। पुरुष उम्मीदवारों 13 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका का निराकरण कर दिया। दरअसल यह मामला जबलपुर निवासी नौशाद अली की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि कर्मचारी चयन मंडल की ग्रुप-1, सब ग्रुप-2 संयुक्त भर्ती परीक्षा 2025 के विज्ञापन में असिस्टेंट प्रोफेसर तथा एसोसिएट प्रोफेसर सहित ट्यूटर के कुल 286 पदों पर महिला उम्मीदवारों को 100 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

Related Articles