
बच्चों में कुपोषण लगातार बढ़ता जा रहा है, इस पर नियंत्रण के लिए विभागीय गतिविधियां अपेक्षा के अनुरूप नहीं हैं। सरकार ने रीवा सहित अन्य जिलों के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं सुधारने का निर्देश जारी किया है। पिछले चार माह में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला अधिकारियों का भ्रमण खानापूर्ति साबित हो रहा है। हालात यह हैं कि ज़मीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किए जा रहे, जिससे कई क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं की पोषण स्थिति लगातार बिगड़ रही है। सरकार की ओर से सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों को हर माह कम से कम 36 आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण करना अनिवार्य किया गया है। बावजूद कई अधिकारी इस निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं। महिला बाल विकास के आंकड़ों के अनुसार रीवा संभाग में सतना और सीधी जिलों में कुपोषण की स्थिति गंभीर है। सतना में 1852, सीधी में 1755, रीवा में 1238, मऊगंज में 899, मैहर में 873 एवं सिंगरौली जिले में 597 पंजीकृत कुपोषितों की संख्या है।
