कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत जिन कर्मचारियों का मूल वेतन 15 हजार से 25 हजार रुपए के बीच है, अब वे सभी अनिवार्य रूप से सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ जाएंगे। इससे देश में 51 लाख और मध्यप्रदेश में 2 लाख से अधिक कर्मचारी लाभान्वित होंगे। यह योजना विश्वकर्मा जयंती (17 सितंबर) से लागू की गई है। यह जानकारी अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त गौतम ने पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि वेतन सीमा में यह बढ़ोतरी बदलते वेतन स्तर, आय में वृद्धि और औपचारिक रोजगार के लगातार विस्तार को ध्यान में रखते हुए की गई है। अभी तक 15 हजार रुपए से अधिक वेतन पर रोजगार पाने वाला नया कर्मचारी स्वत: ईपीएफओ के अनिवार्य कवरेज के दायरे में नहीं आता था। अब भविष्य निधि बचत, सेवानिवृत्ति सुरक्षा, पेंशन और बीमा सुरक्षा का दायरा विस्तृत होगा। उन्होंने नियोक्ताओं और प्रतिष्ठानों से कहा है कि नए वेतन स्लैब वाले पात्र कर्मचारियों का पंजीकरण सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें इसका लाभ मिल सके।
22/09/2026
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