
जनगणना 2027 की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। मकान सूचीकरण का पहला चरण देश भर में पूरा होने के बाद अब सबसे अहम दूसरे चरण यानी वास्तविक जनसंख्या गणना की उलटी गिनती शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश अधिकारी व कर्मचारी जनवरी फरवरी 2027 के दौरान धरातल पर उतरेंगे। जनगणना का कार्य करने वाले कर्मचारियों की गाइडलाइन जारी की है। आम नागरिकों से जुटाई गई निजी जानकारी किसी भी कर्मचारी या अधिकारी ने डाउनलोड किया या फिर किसी को उसकी प्रति दी या लीक की तो सख्त कार्रवाई होगी। बता दें, इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल है। प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर सीधे अपने मोबाइल उपकरणों से डेटा दर्ज करेंगे, जो सीधे केंद्रीय सर्वर पर सुरक्षित होगा। भोपाल स्थित रिकॉर्ड रूम में सहा. निदेशक स्तर के नोडल अधिकारी पदस्थ किए हैं। यहां आग, पानी, नमी और दीमक-चूहों से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। डाक विभाग की टीमें सीधे चार्ज कार्यालयों से ये सीलबंद बॉक्स भोपाल स्थित जनगणना भवन पहुंचाएंगी। लेआउट मैप और फैमिली फॉर्म्स को अलग-अलग सीलबंद गत्ते के बक्सों में विशिष्ट कोड के साथ पैक किया जाएगा।
