माधव टाइगर रिजर्व में बाघों के लिए खतरा बने जीआरपी पाइप

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सेंट्रल जोन बेंच ने शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिजर्व और आसपास के इलाकों में लापरवाही से फेंके गए ग्लास रीइन्फोर्सड प्लास्टिक (जीआरपी) पाइपों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ट्रिब्यूनल ने यूजर एजेंसी को निर्देश दिया है कि टाइगर रिजर्व और वन क्षेत्र में पड़े इस कचरे को 30 दिनों के भीतर तुरंत हटाया जाए। यह आदेश न्यायिक सदस्य जस्टिस शियो कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य ईश्वर सिंह की बेंच ने याचिका आदित्य श्रीवास्तव बनाम मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्य पर सुनवाई करते हुए जारी किया। दरअसल 2023 में सिंध जलावर्धन योजना के तहत मड़ीखेड़ा बांध से शिवपुरी नगर पालिका क्षेत्र के बीच बिछाई गई जल आपूर्ति पाइपलाइन को बदला गया था। इसके बाद पुराने जीआरपी पाइपों को बिना वैज्ञानिक निस्तारण के माधव रिजर्व, वन भूमि, सडक़ों के किनारे और खेतों में फेंक दिया गया। एनजीटी ने आदेश दिया कि इन पाइपों को तुरंत हटाया जाए, ताकि वनों और वन्यजीवों को कोई नुकसान न पहुंचे।

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