बजट खर्च पर वित्त विभाग सख्त: यूसी नहीं, तो अटक सकती है अगली किस्त

मप्र सरकार ने केंद्र प्रायोजित (सीएसएस) और केंद्रीय क्षेत्र (सीएस) की योजनाओं में बजट राशि के उपयोग पर वित्तीय अनुशासन और कड़ा कर दिया है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि बजट प्रावधान, राशि जारी करने, खर्च और उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) की प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया जाए। लंबित यूसी और पहले जारी राशि का पूरा हिसाब देने के बाद ही आगे की वित्तीय प्रक्रिया होगी। निर्देशों में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों के अनुसार ही योजनाओं में राशि का उपयोग किया जाए। केंद्र से प्राप्त राशि और राज्यांश दोनों के व्यय में निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा। जिन योजनाओं में पहले राशि जारी हो चुकी है, वहां उसके उपयोग और उपयोगिता प्रमाणपत्र की स्थिति स्पष्ट रखना भी जरूरी होगा। योजनाओं में खर्च की गई राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र समय पर उपलब्ध कराया जाए और उसे पीएफएमएस प्रणाली से भी जोड़ा जाए। अब सभी विभागों को बजट खर्च के साथ उपयोगिता प्रमाणपत्रों की स्थिति पर भी जवाबदेह रहना होगा। लंबित यूसी, बिना उपयोग पड़ी राशि और नियमों से हटकर किए गए खर्च पर वित्त विभाग की निगरानी और सख्त होगी।

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