
मध्यप्रदेश विद्युत लोकपाल ने जबलपुर की एक औद्योगिक इकाई पर बिजली कंपनी द्वारा थमाए गए लगभग 1.93 लाख रुपए के असेसमेंट बिलों और आदेशों को अवैध ठहराते हुए निरस्त कर दिया है। विद्युत लोकपाल एमएस तोमर ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को निर्देश दिया है कि प्रकरण के दौरान उपभोक्ता द्वारा जमा कराई गई राशि को आगामी बिजली बिलों में समायोजित किया जाए तथा याचिका व्यय के रूप में 2 हजार रुपए का भुगतान भी किया जाए। दरअसल, जबलपुर के माढ़ोताल स्थित विश्नीकवि इंटरप्राइजेज के संचालक मनीष कोडवानी के संस्थान का 8 फरवरी 2024 को विद्युत कंपनी द्वारा निरीक्षण किया गया था। कंपनी ने मीटर में गड़बड़ी का दावा करते हुए पुराना मीटर बदल दिया और निरीक्षण के डेढ़ साल बाद 7 जुलाई 2025 को 1,40,011 रुपए का असेसमेंट बिल जारी कर दिया। इसके बाद फोरम में सुनवाई के दौरान 53,726 रुपए का एक और बिल थमा दिया गया। कंपनी स्तर से राहत न मिलने पर उपभोक्ता ने अधिवक्ता वी.के. उपाध्याय के माध्यम से विद्युत लोकपाल, भोपाल में अपील दायर की।
