
बिच्छू डॉट कॉम। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि देश के कुल निर्यात में लगभग आधा हिस्सा एमएसएमई का है। चीन में बिजली, श्रम और अधोसंरचना की लागत बढऩे से भारत और मप्र के निर्माताओं के लिए विश्व बाजार में बड़ा अवसर बना है, और इसका लाभ लेने के लिए उद्यमी उत्पादन का पैमाना और क्षमता बढ़ाएं, जिससे प्रति इकाई लागत घटे। उन्होंने कहा कि यूके और यूरोपीय संघ के साथ समझौतों में परिधान पर जीरो शुल्क के लिए उत्पाद में भारतीय अंश अधिक होना आवश्यक है, और पीएम मित्र पार्क में फाइबर से कताई और बुनाई तक का पूरा काम होने से प्रदेश के परिधान निर्यातकों को इसका लाभ मिलेगा। मंत्री काश्यप गुरुवार को राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मप्र एक्सपोर्ट एंड एफटीए कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उद्योग संगठनों से कहा कि वे हर उद्योग की निर्यात संभावनाएं खोजकर शासन के पास लाएं।
