मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डिस्ट्रक्ट मिनरल फाउंडेशन (डीएमएफ) की राशि बिना ठोस प्लानिंग और कार्ययोजना के खर्च न की जाए। उन्होंने कहा कि राशि छोटे-छोटे कार्यों में खर्च करने के बजाय ऐसी बड़ी और प्रभावी योजनाएं तैयार की जाएं, जिनका असर स्पष्ट दिखाई दे और आम लोगों को सीधे लाभमिले। मुख्यमंत्री बुधवार को समत्व भवन में खनिज साधन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। प्रदेश में डीएमएफ के तहत करीब 4 हजार करोड़ रुपए जमा हैं। समीक्षा में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सिंगरौली पर फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंगरौली को डीएमएफ से प्रदेश में सबसे अधिक राशि मिलती है, इसलिए इसके उपयोग का प्रभाव भी लोगों को स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। अधिकारियों को खनन प्रभावित क्षेत्रों और स्थानीय लोगों को योजनाओं का अधिकतम लाभसुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बताया गया कि सिंगरौली में हर साल करीब 900 करोड़ रुपए डीएमएफ खाते में जमा होते हैं।
