भोपाल मप्र में लगातार दूसरे साल सोयाबीन में भावांतर भुगतान योजना (प्राइज डेफिसिट पेमेंट स्कीम) लागू करने की तैयारी है। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना की सहमति के बाद इसे कैबिनेट के लिए भेजा जाएगा। अक्टूबर 2026 से सोयाबीन बाजार में आना प्रारंभ हो जाएगी। भावांतर योजना लागू होती है तो राज्य सरकार को इसे समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदना पड़ेगा। मप्र में सोयाबीन के साथ सरसो में भी भावांतर योजना लागू है। मंत्रालय सूत्रों की मानें तो धान पर भी भावांतर लागू करने पर विचार चला। लेकिन उच्च स्तर पर इस पर सहमति नहीं बन पाई। इसके पीछे बड़ी वजह थी कि धान के खरीद केंद्र, फसल और किसानों की संख्या का दायरा बड़ा है। भावांतर भुगतान योजना में सभी समाहित नहीं हो सकते। धान भी ज्यादा आता है। वर्ष 2026 में ही 51.75 लाख टन धान आया, जबकि 2025 में 43.52 लाख टन धान आया था। लिहाजा धान पर फिलहाल यह भावांतर भुगतान योजना लागू नहीं होगी। इधर, सोयाबीन पर भावांतर योजना का प्रसार कृषि मंडियों में शुरू हो गया है।
