
- गृह सचिव शिल्पा गुप्ता को जिम्मेदारी
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई है। सरकार से बातचीत के बाद 21 हजार 500 रुपये स्टाइपेंड (50 फीसदी) पर सहमति बन गई है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान पुलिस के बल प्रयोग की भी अब जांच तेज हो गई है। कल लाठीचार्ज मामले में 2 पुलिसकर्मी को लाइन अटैच किया गया था। अब इस पूरे मामले में बड़ा आदेश दिया गया है। वाटर कैनन और बल प्रयोग की प्रशासनिक जांच की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी गृह विभाग सचिव शिल्पा गुप्ता को सौंपी गई है। एक सप्ताह में सरकार को जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी। मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न और जूनियर डॉक्टरों ने 3 दिन से लगातार काम बंद कर हड़ताल पर बैठ थे। डॉक्टरों के आंदोलन का असर प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में दिखाई दिया। प्रदर्शन के चलते ओपीडी समेत कुछ स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की बात सामने आई थी।
स्टाइपेंड पर पहले नहीं बनी सहमति
दरअसल, इंटर्न डॉक्टर अपने स्टाइपेंड को बढ़ाने की मांग कर रहे थे। सरकार की ओर से इंटर्न डॉक्टरों के मौजूदा 14,337 रुपये के मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 18,500 रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, इंटर्न डॉक्टर इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना है कि स्टाइपेंड में इससे ज्यादा बढ़ोतरी होनी चाहिए, इसलिए उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।
