अनुभव के साथ युवाओं को मौका देकर संतुलन बनाने की कोशिश

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  • बीजेपी कार्यकारिणी की नई टीम से मिलेगी नई धार

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भारतीय जनता पार्टी में पिछड़ा वर्ग और महिला मोर्चा की नई कार्यकारिणी संगठन में नई ऊर्जा और दिशा दिखाई देती है। देर रात घोषित हुई कार्यकारिणी में अनुभव के साथ युवा और सक्रिय कार्यकर्ताओं को मौका देकर संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। पिछड़ा वर्ग मोर्चा में जहां अनुभवी चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है, वहीं महिला मोर्चा में बड़ी संख्या में नए चेहरों को स्थान मिला है। इससे संगठन की कार्यक्षमता बढने और जमीनी स्तर पर सक्रियता तेज होने की उम्मीद है। नई जिम्मेदारियों के साथ कार्यकर्ता समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाकर संगठन को और मजबूत करेंगे।
महिला मोर्चा
नवरात्रि के मौके पर महिला मोर्चा की कार्यकारिणी की घोषणा होते ही ऐसा लग रहा है कि कुछ कार्यकर्ताओं की मन की मुराद पूरी हुई है। 38 पदाधिकारियों की सूची में केवल चार चेहरे पुराने हैं, बाकी सभी महिला कार्यकर्ता नई पदाधिकारी हैं। पुराने चेहरों की बात करें तो इसमें प्रदेश मंत्री खुशबू गुप्ता, उपाध्यक्ष माया पटेल, सह मीडिया प्रभारी प्रियांश उरमलिया और उपाध्यक्ष आशा गुप्ता शामिल हैं। वहीं तीनों महामंत्री ज्योति सिंह राजपूत, डॉ. सपना वर्मा एवं मोना सुस्तानी पहली बार जिम्मेदारी संभालेंगी। डॉ सपना वर्मा सतना से आती हैं, वे सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। वे एक एनजीओ चलाती हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में सतना से इन्हें भाजपा से टिकट देने की तैयारी थी परंतु जातीय समीकरण और कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ कुशवाहा के मैदान में आने के बाद आखिरी समय में भाजपा ने सांसद गणेश सिंह को उम्मीदवार बनाया था। इसी तरह की मोना सुस्तानी वर्ष 2023 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई थीं। उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलना तय माना जा रहा था। वे धाकड़ समाज की बड़ी नेता मानी जाती हैं। लगातार तीन बार जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य भी वे रह चुकी हैं। उनके ससुर गुलाब सिंह सुस्तानी विधायक रह चुके हैं। वे कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों से भी जुड़ी हुई हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने राजगढ़ संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा। भाजपा के रोडमल नागर ने 2 लाख से अधिक मतों से हरा दिया था। उसके एक साल बाद भोपाल में जाकर भाजपा में शामिल हो गईं। उन्होंने राजगढ़ में नातरा झगड़ा जैसी कुप्रथा को खत्म करने के लिए काफी संघर्ष किया है। यह एक ऐसी कुप्रथा है जिसमें किसी शादीशुदा महिला के पहले पति को छोडक़र किसी अन्य शख्स से शादी करने पर उसके पहले पति को मुआवजा दिया जाता है। महिला मोर्चा की कार्यकारिणी में कोषाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी इंदौर निवासी निधि बंग को सौंपी गई है, जो पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं।
कुछ पदों पर महिलाओं को मिल सकता है मौका
पिछड़ा वर्ग मोर्चा की 36 पदाधिकारियों की सूची में एक भी महिला कार्यकर्ता को स्थान नहीं मिला है। इस मामले में सूत्रों का कहना है मोर्चा मैं एक महामंत्री पद रिक्त रखा गया है, जिस पर महिला कार्यकर्ता को स्थान दिया जा सकता है। इसी प्रकार सोशल मीडिया विभाग में प्रभारी और सह प्रभारी के पद खाली हैं। इस पर भी महिला कार्यकर्ता को मौका मिल सकता है।
पिछड़ा वर्ग मोर्चा
पिछड़ा वर्ग मोर्चा की बात करें तो इसमें भोपाल से पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं नगर निगम के सभापति रहे सुरजीत सिंह चौहान को उपाध्यक्ष पद का दायत्वि सौंपा गया है। दो जिलाध्यक्षों को पदोन्नत करते हुए उन्हें प्रदेश कार्यकारिणी में स्थान मिला है। रणजीत सिंह सौंधिया, जो अभी मंदसौर के जिलाध्यक्ष थे, उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसी प्रकार नर्मदापुरम के जिलाध्यक्ष जय किशोर चौधरी को प्रशिक्षण सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं कार्यकारिणी में बदनावर निवासी नरेंद्र राठौर एक मात्र ऐसे चेहरे हैं जो लगातार तीसरी बार प्रदेश पदाधिकारी बने हैं। वे 2016 से लगातार विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। वर्तमान में उन्हें प्रदेश महामंत्री बनाया गया है।

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