नेहा मारव्या ने अपना स्थानांतरण होने पर जताई नाराजगी

नेहा मारव्या

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी नेहा मारव्या ने अपना स्थानांतरण होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि एक साल में यह उनका चौथा तबादला है और इस बार महज 50 दिन में ही उनकी जिम्मेदारी बदल दी गई। उल्लेखनीय है कि नेहा मारव्या का बीते शनिवार को संचालक आदिम जाति कल्याण विभाग से स्थानांतरित किया गया है। जिसे लेकर उन्होंने आईएएस अफसरों के सोशल मीडिया ग्रुप में अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने अपनी पोस्ट में सवाल उठाते हुए लिखा कि जब उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों की कथित अनुशासनहीनता, फाइलें रोकने और उनके साथ दुर्व्यवहार की शिकायत उचित माध्यम से की, तो कार्रवाई कर्मचारियों के खिलाफ होनी चाहिए थी, लेकिन उनकी जगह उनका ही तबादला क्यों कर दिया गया। मारव्या ने लिखा कि वह समझती हैं कि आईएएस अधिकारी होने के नाते सरकार उन्हें जहां चाहे वहां पदस्थ कर सकती है और उन्होंने इस संबंध में सरकारी आदेशों का हमेशा सम्मान भी किया है, लेकिन इस बार उनसे जुड़ा जो निर्णय लिया, वह बेहद हतोत्साहित करने वाला है। आईएएस मारव्या ने अपनी पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि उनके अधीनस्थ कर्मचारियों ने उनके खिलाफ विरोध खड़ा किया और उन्हें तबादला करवाने की धमकी तक दी। जिसकी उनके द्वारा उचित माध्यम तक शिकायत भी की, लेकिन उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया और कार्रवाई का सामना उन्हें करना पड़ा। उन्होंने सवाल किया कि आखिर ऐसा क्यों किया गया, यदि अधीनस्थ कर्मचारी किसी अधिकारी के खिलाफ संगठित होकर उसका तबादला करवा सकते हैं, तो इससे पूरी प्रशासनिक व्यवस्था में क्या संदेश जाएगा। उन्होंने संचालक आदिम जाति के 50 दिन के छोटे से कार्यकाल को लेकर कहा कि किसी अधिकारी को नई जिम्मेदारी संभालने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली और कामकाज समझने में ही समय लगता है, लेकिन उनका कार्यकाल लगातार छोटा होता जा रहा है।

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