
- सत्ता-विपक्ष महिला प्रतिनिधि हुई शामिल
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
राजधानी में भोपाल नगर निगम परिषद का विशेष सम्मेलन गुरुवार को ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर आयोजित किया गया। इस सम्मेलन की शुरुआत वंदे मातरम के गायन के साथ हुई, जिसके बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महापौर मालती राय महिला पार्षदों के साथ परिषद हाल पहुंचीं, जहां पूरे उत्साह के साथ ‘नारी शक्ति जिंदाबाद’ के नारे भी लगे।
महिला सशक्तिकरण पर मंथन, रणनीति पर जोर: इस विशेष सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण को लेकर व्यापक चर्चा की गई। महिला पार्षदों ने जमीनी स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने जैसे अहम मुद्दों पर अपने सुझाव रखें। नगर विकास में महिला प्रतिनिधियों की भूमिका को मजबूत करने और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने पर खास फोकस रहा। बताया जा रहा है कि 10 से 25 अप्रैल तक पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों में ‘नारी शक्ति वंदन’ पखवाड़ा मनाया जा रहा है, जिसके तहत ऐसे सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।
सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित, बैठक स्थगित: भोपाल नगर निगम परिषद में हुई इस बैठक में ‘नारी शक्ति वंदन’ को लेकर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। चर्चा के बाद बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। यह सम्मेलन न सिर्फ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है, बल्कि नगर विकास में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाता है।
85 में से 18 पार्षद गैरहाजिर
नगर निगम के कुल 85 पार्षदों में से 67 बैठक में मौजूद रहे, जबकि 18 पार्षद पूरी तरह अनुपस्थित रहे। इनमें 10 पार्षद कांग्रेस के थे, जिससे बैठक में विपक्ष की कमजोर मौजूदगी साफ नजर आई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि महिलाओं से जुड़े इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान 42 में से 10 महिला पार्षद बैठक में नहीं पहुंचीं। इसके अलावा निगमायुक्त संस्कृति जैन और अपर आयुक्त अंजू अरुण कुमार सहित अन्य महिला अधिकारियों की गैरमौजूदगी भी चर्चा में रही। हालांकि, जानकारी के अनुसार वे प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यस्त थीं। वंदे मातरम के बाद नेता प्रतिपक्ष भी सम्मेलन में पहुंचीं। हालांकि, नगर निगम की कमिश्नर संस्कृती जैन सम्मेलन में मौजूद नहीं रहीं और न ही कोई अन्य महिला अधिकारी कार्यक्रम में दिखाई दी, जिसे लेकर भी चर्चाएं होती रहीं।
भाजपा-कांग्रेस में तीखी बहस भी हुई
बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि उनकी पार्टी भी महिलाओं के आरक्षण का समर्थन करती है और पहले भी इस दिशा में प्रयास कर चुकी है। हालांकि उन्होंने परिसीमन को लेकर सवाल उठाए और कहा कि इससे दक्षिण भारत की सीटों पर असर पड़ सकता है। इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली, जिसमें कहासुनी तक की स्थिति बन गई।
