देश में सर्वाधिक दस लाख किसानों से मध्यप्रदेश ने खरीदा गेहूं

मध्यप्रदेश
  • ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर अग्रसर मध्य प्रदेश

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश ने एक बार फिर गेहूं खरीदी के मामले में पंजाब को पीछे छोड़ दिया है। यहां अभी तक समर्थन मूल्य पर दस लाख किसानों से गेहूं खरीदा जा चुका है, जो देश में सर्वाधिक है। पंजाब इसलिए क्योंकि यहां उपार्जन का लक्ष्य 132 लाख टन है, जो प्रदेश से 32 लाख टन अधिक है। यहां अभी तक साढ़े सात लाख किसानों से उपज खरीदी गई है। हरियाणा में नौ लाख 20 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर सरकार को गेहूं बेचा है। प्रदेश में गेहूं का उपार्जन भले ही देरी से प्रारंभ हुआ मगर यह अब पटरी पर आ गया है। प्रतिदिन लगभग पांच लाख टन खरीदा जा रहा है। अभी तक 63 लाख टन गेहूं 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा चुका है। इसके ऐवज में 11,610 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। इस बार प्रदेश को 100 लाख टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य मिला है। 19 लाख चार हजार किसानों ने उपज बेचने के लिए पंजीयन कराया है।
राष्ट्रीय परिदृश्य और खरीदी की समय-सीमा
वहीं, राष्ट्रीय परिदृश्य में देखें तो उत्तर प्रदेश ने दो लाख किसानों से गेहूं खरीदा है। यहां उपार्जन की अंतिम तिथि 15 मई है तो राजस्थान ने 1.67 लाख किसानों से ही गेहूं खरीदा है। यहां 31 मई तक उपार्जन किया जाएगा। वहीं, पंजाब में 10 मई अंतिम तिथि थी। हरियाणा में 15 मई तक समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जाएगा। जबकि, मध्य प्रदेश में 23 मई तक खरीदी होगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से खरीदी केंद्रों में उपज आ रही है, उसे देखते हुए लक्ष्य पूरा होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो यह दूसरा अवसर होगा, जब प्रदेश इतनी मात्रा में उपार्जन करेगा। इसके पहले कोरोना महामारी के समय 2020 में 121 लाख टन गेहूं खरीदकर मध्य प्रदेश ने पंजाब को पीछे छोडक़र देश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने में पहला स्थान बनाया था।
मुख्यमंत्री से लेकर अधिकारी स्तर पर हो रही निगरानी
प्रदेश में चल गेहूं उपार्जन के काम की निगरानी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से लेकर अधिकारी स्तर तक हो रही है। मुख्यमंत्री स्वयं खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। 75 प्रतिशत तक चमकविहीन दाने खरीदने की अनुमति भारत सरकार ने दी है। साथ ही क्षतिग्रस्त दाने भी दस प्रतिशत की सीमा तक मान्य किए जाएंगे। इस निर्णय ने किसानों को बड़ी राहत दी है क्योंकि अतिवर्षा के कारण गेहूं की फसल प्रभावित हुई थी। किसानों को डर यही था कि यदि समर्थन मूल्य पर उपज नहीं ली गई तो उन्हें मंडियों में औने-पौने दाम पर इसे बेचना होगा।
14.83 लाख किसान करा चुके हैं स्लाट बुक
प्रदेश में 19 लाख चार हजार किसानों ने समर्थन मूल्य पर सरकार को गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया है। इसमें से 14 लाख 83 हजार किसान स्लाट बुकिंग करा चुके हैं। सरकार ने स्लाट बुकिंग की तिथि 23 मई कर दी है।

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